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ऐसे ही सर्द दिसंबर सन 1704 में 21 दिसंबर से 27 दिसंबर के बीच , दशम गुरु गोविंद सिंह जी का पूरा परिवार देश और धर्म के लिए बलिदान हो गया था.... 23 दिसंबर को साहबजादे अजित सिंह और जुझार सिंह बलिदान हुए और 26 दिसंबर 1704 जोरावर सिंह और छोटे साहबजादे फतेह सिंह को दीवार में जिंदा चुनवा दिया था.... जोरावर जोर से बोला , फतेह सिंह शेर सा डोला... रखो ईंटें भरो गारे , चुनो दीवार हत्यारे... हमारी लाश बोलेगी , निकलती साँस बोलेगी , यही दीवार बोलेगी , हजारों बार बोलेगी... हमारे धर्म की जय हो , हमारे देश की जय हो , पिता दशमेश की जय हो.......... 🙏🙏🙏 #वीरबालक #वीरबालदिवस

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