MyMandirInstall

जटाओं से बहती गंगा से पवित्र हुए गले में सर्पमाला धारण किए डमरू की ध्वनि से ताण्डव करने वाले शिव हम सबका कल्याण करें……. भगवान शिव का यह स्वरूप शक्ति और शांति दोनों का अद्भुत संगम है। सोमवार का दिन, महादेव की स्तुति मन को एक अलग ही ऊर्जा से भर देती है। आपकी इन पंक्तियों के भाव को आगे बढ़ाते हुए कुछ पंक्तियाँ: "जिनके मस्तक पर चंद्रमा विराजे, हृदय में करुणा का वास है, वही शून्य है, वही अनंत है, वही भक्तों का विश्वास है।" सत्य है कि उनकी भक्ति ही अहंकार का नाश करती है और जीवन में धैर्य और संयम का संचार करती है। जय भोले नाथ 🙏 शुभपरभत जी 🙏🏻

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!