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एक महिला *"Privacy matters"* नाम के पोस्टर के बारे में बात कर रही हैं जो उन्होंने सोशल मीडिया पर देखा। आइए विस्तार से समझते हैं: *1. पोस्टर में क्या दिखाया गया है?* पोस्टर 2 हिस्सों में बंटा है। ऊपर लिखा है *"Privacy matters"* और नीचे "Somnath Art" का सिग्नेचर है। *ऊपर वाला हिस्सा - कैंडी का उदाहरण:* - *Left*: रैपर वाली बंद कैंडी - *Right*: बिना रैपर वाली खुली कैंडी जिसके चारों तरफ चींटियां/स्टार्स लगे हैं *नीचे वाला हिस्सा - लड़कियों का उदाहरण:* - *Left*: सलवार सूट/ढके कपड़े वाली लड़की। अकेली खड़ी है। - *Right*: शॉर्ट्स-टॉप वाली लड़की। उसके पीछे बहुत सारे लोग/मर्द उसे घूर रहे हैं। मतलब: कैंडी = लड़की, रैपर = कपड़े, चींटियां = लोगों की नजर *2. महिला वीडियो में क्या कह रही हैं?* *उनका मेन पॉइंट:* 1. *उदाहरण उन्हें अच्छा लगा*: "की अगर Toffee पर wrapper नहीं होगा तो चीटियां आएंगी ही। ऐसे ही लड़की का बदन ढका हुआ नहीं होगा तो गंदे लोगों की नजर आएगी।" 2. *मकसद*: वो माता-पिता से कहती हैं "अपनी बेटियों को ये वीडियो, ये photo पक्का दिखाइए"। उनका मानना है कि 100 में से 10 लड़कियों को भी बात समझ आ गई तो समाज धीरे-धीरे बदलेगा। 3. *"सोना vs लोहा" वाली बात*: "सोने को तो तिजोरी में ही रखा जाता है और लोहे को सड़क के किनारे" मतलब: कीमती चीज को ढक कर रखा जाता है। फिर वो कहती हैं "अब ये लड़की ने खुद सोचना होता है कि वो अपने आप को सोना समझती है या लोहा।" *3. इस पोस्टर के पीछे का संदेश* संक्षेप में संदेश ये है: *"लड़कियों को सभ्य/ढके कपड़े पहनने चाहिए ताकि उनकी इज्जत बची रहे और गलत नजरों से बचा जा सके"*। इसे "modesty" और "self-protection" के नजरिए से पेश किया गया है। *4. इस सोच पर अलग-अलग नजरिए भी हैं* इस तरह के उदाहरण समाज में बहुत कॉमन हैं, लेकिन इस पर 2 तरह की राय होती हैं: *समर्थन में*: लोग कहते हैं ये सुरक्षा और संस्कार की बात है। माता-पिता को अपनी बेटियों की फिक्र होती है। *विरोध में*: कई लोग कहते हैं कि गलती "नजर" वाले की है, "कपड़े" वाले की नहीं। चींटी को रोकना चाहिए, कैंडी को रैपर में नहीं बांधना चाहिए। असली समस्या लोगों की सोच है, न कि लड़कियों के कपड़े।

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