
SHREE SHARMA
326 days ago
उमा जोग जप दान तप नाना मख ब्रत नेम। राम कृपा नहिं करहिं तसि जसि निष्केवल प्रेम॥ शिवजी कहते हैं कि हे उमा! अनेकों प्रकार के योग, जप, दान, तप, यज्ञ, व्रत और नियम करने पर भी श्री रामचंद्रजी वैसी कृपा नहीं करते जैसी अनन्य प्रेम होने पर करते हैं, अर्थात भगवान को सिर्फ प्रेम प्यारा है और भगवान को पाने का एकमात्र मार्ग सिर्फ और और सिर्फ अनन्य प्रेम है.. जय सियाराम 🙏

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Oct 8, 2025
🌹🌹 Subha Budhvaar Subha Kamanayen ke Sath Suprabhat Jii 🌹 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Sadeib Banaye Rakhe 🙏 Aap ka Har Pal Subha Mangalmay Ho 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Oct 8, 2025
Jai Shree Ram 🙏🌹🌹
