
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
101 days ago
*गणेश वंदना* 🙏🐘 *मूल मंत्र:* वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ *अर्थ:* हे वक्रतुण्ड, विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेज वाले देव! मेरे सभी कार्यों को सदा निर्विघ्न पूर्ण कीजिए। --- *दूसरी प्रचलित वंदना:* सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची। नूरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची॥ सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची। कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥ *भावार्थ:* जो सुख देते हैं, दुख हरते हैं, विघ्नों की बात ही मिटा देते हैं, जिनकी कृपा से प्रेम और शांति मिलती है, जिनका पूरा शरीर सुंदर है, माथे पर सिंदूर शोभित है, और गले में मोतियों की माला चमकती है — ऐसे श्री गणेश को मेरा नमन। --- सुबह उठकर 3 बार ये वंदना बोलने से मन शांत होता है और दिन की शुरुआत बिना विघ्न के होती है। ॐ श्री गणेशाय नमः 🙏🏻 🚩 शुभ प्रभात जी 🙏🏻 🚩

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