
SHREE SHARMA
376 days ago
कह रघुपति सुनु भामिनि बाता, मानउँ एक भगति कर नाता जाति पाँति कुल धर्म बड़ाई, धन बल परिजन गुन चतुराई भगति हीन नर सोहइ कैसा, बिनु जल बारिद देखिअ जैसा श्री रघुनाथजी ने शबरी मैया से कहा- हे भामिनि! मेरी बात सुन! मैं तो केवल एक भक्ति ही का संबंध मानता हूँ, जाति, पाँति, कुल, धर्म, बड़ाई, धन, बल, कुटुम्ब, गुण और चतुरता- इन सबके होने पर भी भक्ति से रहित मनुष्य कैसा लगता है, जैसे जलहीन बादल (शोभाहीन) दिखाई पड़ता है, अर्थात भगवान को सिर्फ और सिर्फ भक्ति प्यारी है.. जय सियाराम 🙏

Comments (3)

Rama Devi Sahu
Aug 20, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 🌹🌹

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Aug 20, 2025
ॐ नमो विघ्न हराय गंग गणपते नमो नमः जय गणेश 🙏🙏
