
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
14 days ago
**स्वर्णगिरि मंदिर (Swarnagiri Temple)**, जिसे आधिकारिक तौर पर **स्वर्णगिरि श्री वेंकटेश्वर स्वामी देवस्थानम (यादद्री तिरुMala देवस्थानम)** भी कहा जाता है, तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी (भोंगीर) जिले में मानेपल्ली पहाड़ियों (Swarnagiri Hills) पर स्थित एक अत्यंत भव्य और नव-निर्मित आध्यात्मिक केंद्र है। इस मंदिर से जुड़े कुछ प्रमुख और आकर्षक तथ्य निम्नलिखित हैं: * **मुख्य आराध्य:** यह मंदिर भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) को समर्पित है। गर्भगृह में भगवान वेंकटेश्वर की लगभग 12 फीट ऊंची काले ग्रेनाइट की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो तेलंगाना में भगवान बालाजी की सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक है। * **निर्माण और परिकल्पना:** इस विशाल मंदिर का निर्माण प्रसिद्ध मानेपल्ली परिवार (ज्वेलर्स) द्वारा लगभग 22 एकड़ क्षेत्र में करवाया गया है। इसकी शुरुआत एक चमत्कारी घटना से जुड़ी आस्था के प्रतीक के रूप में हुई थी। * **वास्तुकला (Architecture):** यह मंदिर प्राचीन भारतीय वास्तुकला शैलियों—मुख्य रूप से पल्लव, चोल, चालुक्य और विजयनगर राजवंशों के मिश्रण पर आधारित द्रविड़ वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना है। इसके चारों दिशाओं में भव्य राजगोपुरम और गर्भगृह के ऊपर एक पांच मंजिला विमान गोपुरम बना हुआ है। * **प्रमुख आकर्षण:** * **हनुमान मंडपम:** यहाँ लगभग 120 फीट ऊंचे मंडप में हनुमान जी की 40 फीट ऊंची अखंड (मोनोलिथ) प्रतिमा है। * **जल नारायण स्वामी सन्निधि:** मंदिर परिसर के भीतर पानी के बीच बना एक अत्यंत मनोरम और प्रकाशित मंडप। * **विशाल कांस्य घंटा (Bronze Bell):** मंदिर में स्थापित लगभग 1.5 टन वजनी विशाल घंटी भारत की दूसरी सबसे बड़ी कांस्य घंटियों में गिनी जाती है। * **भौगोलिक स्थिति:** यह प्रसिद्ध यदाद्री (यदागिरीगुट्टा - श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर) से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर और हैदराबाद से लगभग 47-50 किलोमीटर दूर स्थित है। शाम के समय जब इस पहाड़ी मंदिर पर विशेष प्रकाश व्यवस्था (Lighting) की जाती है, तो यह स्वर्ण की तरह चमकता है, इसलिए इसे 'गोल्डन हिल टेंपल' भी कहा जाता है।
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