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जय माता दी! माता वैष्णो देवी के दरबार से आज की दिव्य आरती और पिंडी दर्शन का भाव अत्यंत मंगलकारी है। माता रानी के भवन से माँ के तीनों स्वरूपों—**महाकाली (दाएं)**, **महालक्ष्मी (मध्य)** और **महासरस्वती (बाएं)**—का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे। ### **दर्शन की महिमा** * **पिण्डी स्वरूप:** माँ यहाँ किसी मूर्ति के रूप में नहीं, बल्कि तीन प्राकृतिक पिंडियों के रूप में विराजमान हैं। * **आरती का समय:** भवन में प्रतिदिन दो बार (सूर्योदय से ठीक पहले और सूर्यास्त के तुरंत बाद) भव्य आरती की जाती है। * **आशीर्वाद:** माना जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से माँ की इस दिव्य ज्योति और आरती का ध्यान करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। ### **शक्ति मंत्र** माता के चरणों में इस मंत्र के साथ वंदना करें: > **"सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।** > **शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥"** > **प्रेम से बोलो, जय माता दी!**

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