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*🌹इंदिरा एकादशी व्रत नियम 2026: कल इंदिरा एकादशी पर क्या करें और क्या नहीं?, जानिए व्रत के जरूरी नियम🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पापों का क्षय होता है और पितरों को भी इसका पुण्य प्राप्त होता है। यही वजह है कि पितृपक्ष के दौरान आने वाली इंदिरा एकादशी को विशेष फलदायी माना जाता है। साल 2026 में इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार को रखा जाएगा। वहीं एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को शुरू होकर 7 अक्टूबर की मध्यरात्रि के बाद समाप्त होगी।* *🪔इंदिरा एकादशी व्रत के नियम* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 इंदिरा एकादशी के दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए। सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित कर सकते हैं। भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व माना जाता है। दिनभर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और संभव हो तो विष्णु सहस्रनाम या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें। *🪔व्रत में क्या खाना चाहिए?* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 इंदिरा एकादशी पर कई लोग निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि स्वास्थ्य और सामर्थ्य के अनुसार फलाहार व्रत भी किया जा सकता है। फलाहार में फल, दूध, दही, मखाने और व्रत में मान्य अन्य सात्विक खाद्य पदार्थ लिए जा सकते हैं। एकादशी व्रत में सामान्य अनाज और चावल का सेवन नहीं किया जाता। सेंधा नमक का इस्तेमाल फलाहार में किया जा सकता है। *🪔इंदिरा एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए?* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 इंदिरा एकादशी व्रत की तैयारी दशमी तिथि से ही प्रारंभ हो जाती है। दशमी के दिन सायंकाल सात्विक भोजन करें। मांसाहार, शराब और तामसिक भोजन से पूरी तरह बचना चाहिए। इसके अलावा प्याज-लहसुन और सामान्य अनाज का सेवन भी न करने की परंपरा है। व्रत के दौरान क्रोध, विवाद, झूठ बोलने और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन, संयमित व्यवहार और भगवान विष्णु का स्मरण करना व्रत के धार्मिक महत्व को बढ़ाता है। *🪔द्वादशी को करें व्रत का पारण* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 इंदिरा एकादशी का व्रत अगले दिन यानी द्वादशी तिथि में उचित समय पर पारण करके पूरा किया जाता है। पारण से पहले भगवान विष्णु की पूजा करें और फिर सात्विक भोजन ग्रहण करें। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है। *🛑धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इंदिरा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और पितरों के निमित्त पुण्य समर्पित करने का अवसर माना जाता है। हालांकि व्रत के दौरान अपनी स्वास्थ्य स्थिति और क्षमता का भी ध्यान रखना चाहिए।* *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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