
SHREE SHARMA
344 days ago
त्यागमूर्ति महाराज उशीनर महाराज उशीनर ( शिवि ) त्याग और शरणागतवत्सलताके अनुपम आदर्श थे। उनके राज्यमें प्रजा अत्यन्त सुखी तथा धन-धान्यसे सम्पन्न थी। सभी लोग धर्माचरणमें रत थे। एक समयकी बात है कि इन्द्रने उनकी धर्मनिष्ठाकी परीक्षा करनेका निश्चय किया। इसके लिये इन्द्रने बाज और अग्निने कबूतरका रूप बनाया। कबूतर बाजके डरसे भयभीत होकर महाराज उशीनरकी गोदमें छिप गया। उन्होंने जब कबूतरको अपनी गोदमें आया देखा तो उसे धीरज देते हुए कहा— 'कपोत ! अब तुझे किसीका डर नहीं है। मैं तुझे अभय देता हूँ। मेरे पास आ जानेपर अब कोई तुझे पकड़नेका विचार भी मनमें नहीं ला सकता। मैं यह काशीका राज्य और अपना जीवनतक तेरी रक्षाके लिये निछावर कर दूँगा। तुम भयको अपने मनसे निकाल दो।' इतनेमें ही बाज भी वहाँ पहुँच गया। उसने कहा— 'राजन् ! यह कबूतर मेरा भोजन है। इसके मांस और रक्तपर मेरा अधिकार है। यह मेरी भूख मिटाकर मेरी तृप्ति कर सकता है। मुझे भूखकी ज्वाला जला रही है, अतः आप इस कबूतरको छोड़ दीजिये। मैं बड़ी दूरसे इसके पीछे उड़ता हुआ आ रहा हूँ। मेरे नाखून और परोंसे यह काफी घायल हो चुका है। आप इसे बचानेकी चेष्टा न कीजिये। अपने देशमें रहनेवाले मनुष्योंकी ही रक्षाके लिये आप राजा बनाये गये हैं। भूख-प्याससे तड़फते हुए पक्षीको रोकनेका आपको कोई अधिकार नहीं है। यदि धर्मकी रक्षाके लिये आप कबूतरकी रक्षा करते हों तो मुझ भूखे पक्षीपर भी आपको दृष्टि डालनी चाहिये। देवताओंने सनातन कालसे कबूतरको बाजका भोजन नियत कर रखा है। आज आपने मुझे भोजनसे वञ्चित कर दिया है, इसलिये मैं जी नहीं सकूँगा। मेरे न रहनेपर मेरे स्त्री-बच्चे भी नष्ट हो जायेंगे। इस प्रकार आप इस कबूतरको बचाकर कई प्रणियोंकी जानके घातक बनेंगे। जो धर्म दूसरे धर्मका बाधक हो वह धर्म नहीं कुधर्म है। आप धर्म-अधर्मके निर्णयपर दृष्टि रखकर ही स्वधर्मके आचरणका निश्चय करें। यदि आपको कबूतरपर बड़ा स्नेह है तो आप मुझे कबूतरके बराबर अपना ही मांस तराजूपर तौलकर दे दीजिये।' राजाने कहा 'बाज ! तुमने ऐसी बात कहकर मुझपर बड़ा अनुग्रह किया है। तुम अपनी तृप्तिके लिये मुझसे इच्छानुसार मांस ले सकते हो।' ऐसा कहकर राजा उशीनर अपना मांस काटकर तराजूपर रखने लगे। यह समाचार सुनकर रानियाँ अत्यन्त दुःखी हुईं और हाहाकार करती हुई बाहर निकल आयीं। सेवकों, मन्त्रियों एवं रानियोंके रोनेसे वहाँ कोलाहल मच गया। राजाका वह साहसपूर्ण कार्य देखकर पृथ्वी काँप उठी, चारों ओर बादलोंकी घटा घिर आयी। महाराज उशीनर इन सारी घटनाओंसे निर्लिप्त होकर अपनी पिंडलियों, भुजाओं और जाँघोंसे मांस काट-काटकर तराजू भर रहे थे। राजाका मांस समाप्त हो गया, फिर भी कबूतरका पलड़ा भारी ही रहा। अब राजा मांस काटनेका काम बन्द करके स्वयं तराजूके पलड़ेपर बैठ गये। अचानक दृश्य बदल गया। इन्द्र और अग्नि अपने वास्तविक स्वरूपमें आ गये। देवताओंने राजा उशीनरके ऊपर अमृत-वृष्टि की। उनका शरीर दिव्य हो गया। इतनेमें ही आकाशसे एक दिव्य विमान उतरा। इन्द्रने महाराज उशीनरसे कहा— 'राजन् ! हम आपकी परीक्षा लेनेके लिये आये थे। संसारके इतिहासमें आप-जैसा त्यागवीर कोई नहीं है। आप अपनी परीक्षामें सफल हुए। अब आप इस विमानमें बैठकर स्वर्ग पधारें।' जो मनुष्य अपने शरणागत प्रणियोंकी रक्षा करता है, वह परलोकमें अक्षय सुखका अधिकारी होता है। सत्य पराक्रमी राजर्षि उशीनर अपने अपूर्व त्यागसे तीनों लोकोंमें विख्यात हो गये।

Comments (9)

Radhe Radhe
Sep 20, 2025
💅👌 राधे राधे |||•जी*_*👌*_* भाई जी•||| 👌👌 शुभ दोपहर वंदन नमस्कार जी।।आपकी पोस्ट!!!💅 बहुत-बहुत अति सुंदर!! प्रतिभाशाली//आनंदमयी और।। बहुत ही, अच्छी पोस्ट लाइन कोट्स ,*_* जी भाई जी*_*।।*_* धन्यवाद जी*_*👌💅

Radhe Radhe
Sep 20, 2025
🌹🌹 शुभ दोपहर शनिवार।। जय बजरंगबली जय हनुमान।। सूर्यपुत्र शनिदेव भगवान और बजरंगबली हनुमान जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे।।🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 20, 2025
Raja Sibi ka Prasanga Upasthapana krne ke liye Bahut Bahut Dhanyawad 🙏🥀🌹🥀

Rama Devi Sahu
Sep 20, 2025
Jai jai Shani Dev 🙏 Jai Bajrangbali Hanuman 🙏 Suprabhat Jii 🙏 Prabhu Shri Ram or Bajarangi Hanuman Ji ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe 🙏 Aap ka Har Pal Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 20, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 🌹🌹

Saumya Sharma
Sep 20, 2025
ॐ भास्कराय नमः 🙏🌹🙏

Saumya Sharma
Sep 20, 2025
जय श्री राम 🙏 जय बजरंगबली 🙏 जय शनिदेव 🙏 कोयल काको देत है, कागा कासों लेत, मीठी वाणी बोल के जग अपनो कर लेत 🤗 मीठा बोलना, हंसकर बोलना, हमारे चरित्र को अलग पहचान देते हैं 🙏🌹☺️ईश्वर की कृपा से आप सदैव स्वस्थ रहें, समृद्ध रहें और खुशहाल रहें 🙏🌹☺️ इसी शुभकामना के साथ सुप्रभात वंदन जी 🙏🌹☺️

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Sep 20, 2025
जय श्री राम जय हनुमान जय शनि देव,, ॐ शं शनैश्चराय नमो नमः 🙏🙏 शुभ शनिवार ये शुभ दिन शुभफलदाई मंगलकारी रहे शुभ सुप्रभातम वंदन एवम स्नेहिल सादर नमन 🙏🙏
