
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
20 days ago
राधे राधे 🙏 क्या गहरा संदेश है जी *"कृष्ण कहते हैं कि मनुष्य अपनी संगति से ही पहचाना जाता है।"* > आपके आस-पास के लोग केवल आपका समय नहीं लेते, वे आपके सोचने की सीमा को भी तय करते हैं। > भीड़ आपको साहस तो दे सकती है, लेकिन सही दिशा केवल एक समझदार व्यक्ति ही दे सकता है। > हजारों मूर्ख मित्रों से एक ज्ञानी मित्र बेहतर है। और सबसे सुंदर उदाहरण - *अर्जुन के पास कृष्ण थे, जो उसे मोह के समय जगाते थे।* *दुर्योधन के पास शकुनि था, जो उसके अहंकार को और बढ़ाता था।* अकेले चलना उस रास्ते पर चलने से बेहतर है, जहाँ लोग आपको आपकी मंज़िल से भटका दें। दुर्योधन की भीड़ अंत में विनाश का कारण बनी, जबकि अर्जुन की छोटी सी टोली ने धर्म की स्थापना की। इसलिए ही तो कहा गया है - *कम लोग रखो, लेकिन खास लोग रखो।*
Comments (3)

Savita om namah shivay 🙏🌹
Sep 20, 2026
Radhe radhe 🙏🌹

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Sep 20, 2026
जय श्री कृष्णा जी 🙏 शुभ संध्या जी 🙏

R k jangid phulera Jaipur
Sep 20, 2026
जय श्री कृष्णा शुभ संध्या 🙏
