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*🌺 || गीता का ज्ञान || 🌺* ❗ क्या आप मुश्किल समय में यह सोचकर निराश हो जाते हैं कि अब सब खत्म हो गया? 📖 *श्लोक (श्रीमद्भगवद्गीता 2.14)* > “मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः। > आगमापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत॥ 🌿 *सरल अर्थ:* भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं — हे कुन्तीपुत्र! सुख-दुःख, ठंड-गर्मी जैसी परिस्थितियाँ आती-जाती रहती हैं, वे स्थायी नहीं होतीं। इसलिए धैर्यपूर्वक उनका सामना करो। 📖 *गीता प्रसंग:* कुरुक्षेत्र में युद्ध आरंभ होने से पहले अर्जुन मोह और दुःख में डूब गए थे। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें समझाया कि जीवन में सुख और दुःख स्थायी नहीं होते। जैसे मौसम बदलते रहते हैं, वैसे ही कठिन समय भी एक दिन बीत जाता है। इसलिए परिस्थिति से घबराने के बजाय धैर्य रखना चाहिए। ✨ *जीवन की सीख:* जब जीवन में कठिन समय आता है, तो अक्सर लगता है कि अब सब खत्म हो गया। लेकिन सच्चाई यह है कि कोई भी परिस्थिति हमेशा एक जैसी नहीं रहती। धैर्य और सही कर्म करने वाला व्यक्ति कठिन समय को भी पार कर लेता है। > 🔥 “बुरा समय स्थायी नहीं होता, लेकिन धैर्य रखने वाले लोग जरूर टिके रहते हैं।” 🪷 *।। राधे कृष्ण ।।* 🪷

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