
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
184 days ago
यह एक बहुत ही गंभीर और सोचने वाला सवाल है। अगर हम आज पेड़ नहीं लगाते, तो आने वाली पीढ़ी शायद हमसे सवाल भी नहीं कर पाएगी—वे बस इसके परिणामों को झेलने के लिए मजबूर होंगे। अगर हम आज की लापरवाही जारी रखते हैं, तो भविष्य की पीढ़ी के मन में हमारे लिए ये कुछ कड़वे विचार या बातें हो सकती हैं: 1. "आपने हमारे हिस्से की हवा क्यों बेच दी?" आने वाली पीढ़ी शायद सबसे ज्यादा इस बात से नाराज होगी कि हमने उनके लिए साफ हवा तक नहीं छोड़ी। वे हमें एक ऐसे स्वार्थी पूर्वज के रूप में देखेंगे जिन्होंने अपने आराम के लिए प्रकृति के फेफड़ों (जंगलों) को काट दिया। 2. "क्या एक पेड़ लगाना इतना मुश्किल था?" जब वे तपती गर्मी, भयंकर सूखे और ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे होंगे, तो वे सोचेंगे कि क्या हमारे पास इतना समय या संसाधन भी नहीं थे कि हम अपनी धरती को हरा-भरा रख सकें? उनके लिए यह हमारी आलस और गैर-जिम्मेदारी का प्रतीक होगा। 3. "आपने हमें विरासत में सिर्फ कंक्रीट के जंगल दिए" हम उनके लिए बड़ी-बड़ी इमारतें और पैसा छोड़ना चाहते हैं, लेकिन वे कहेंगे: > "हमें आपके पैसे और इमारतों से ज्यादा एक ठंडी छांव और शुद्ध वातावरण की जरूरत थी।" > 4. प्राकृतिक आपदाओं का बोझ जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण जब बाढ़ या अकाल आएगा, तो वे हमें इसका जिम्मेदार मानेंगे। उनके शब्दों में एक टीस होगी कि हमने अपनी सुविधा के लिए उनकी सुरक्षा दांव पर लगा दी। अब हम क्या कर सकते हैं? अभी भी देर नहीं हुई है। पेड़ लगाना केवल पर्यावरण का काम नहीं है, यह आने वाली पीढ़ी के लिए एक उपहार है। * जन्मदिन या खास मौकों पर एक पौधा लगाएं: इसे एक परंपरा बनाएं। * मौजूदा पेड़ों को बचाएं: जितना जरूरी लगाना है, उतना ही जरूरी उन्हें कटने से बचाना है। * जागरूकता फैलाएं: अकेले से ज्यादा मिलकर काम करने पर बड़ा बदलाव आता है।
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