
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
83 days ago
मासिक कालाष्टमी व्रत आज ************************* कालाष्टमी व्रत भगवान भैरव के भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान भैरव की पूजा और उपासना की जाती है। कालाष्टमी को काला अष्टमी भी कहा जाता है। विशेष रूप से, कालभैरव जयंती, जिसे भैरव अष्टमी के रूप में भी जाना जाता है, कालाष्टमी का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने इसी दिन भैरव के रूप में अवतार लिया था। कालाष्टमी व्रत की तिथि और नियम ================================== कालाष्टमी व्रत का पालन मुख्य रूप से उस दिन किया जाता है जब अष्टमी तिथि रात्रि के समय होती है। यह व्रत सप्तमी तिथि पर भी मनाया जा सकता है यदि धार्मिक शास्त्रों के अनुसार अष्टमी तिथि रात्रि में समाप्त हो। व्रत के दिन भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और भगवान भैरव की पूजा रात्रि के समय करते हैं। कालाष्टमी व्रत की पूजा विधि ============================ • स्नान और शुद्धता • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर को शुद्ध करें। • भगवान भैरव की पूजा का संकल्प लें। • भगवान भैरव की पूजा • भगवान भैरव की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं। • उन्हें काले तिल, सरसों का तेल, फूल, और नारियल अर्पित करें। • भैरव के वाहन श्वान (कुत्ते) को भोजन कराएं, इसे शुभ माना जाता है। • भजन और पाठ • कालभैरव अष्टक, शिव चालीसा, या भैरव स्तोत्र का पाठ करें। • भगवान भैरव के भजनों का गायन करें। • उपवास और ध्यान • दिनभर उपवास रखें और तामसिक भोजन से बचें। • रात्रि में भगवान भैरव का ध्यान और पूजा करें। • व्रत का समापन • अगले दिन सुबह अन्न ग्रहण कर व्रत का समापन करें। कालाष्टमी व्रत के लाभ ===================== • भगवान भैरव की कृपा से जीवन के कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं। • शत्रुओं से रक्षा होती है और भय का नाश होता है। • आर्थिक समृद्धि और सुख-शांति प्राप्त होती है। • पापों का नाश और आत्मा की शुद्धि होती है। • जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और ईश्वर के प्रति भक्ति बढ़ती है।

Comments (1)

R k jangid phulera Jaipur
Jun 8, 2026
जय माता दी 🚩🌹🙏
