
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
94 days ago
*"कहीं पहुँचने के लिए, 'जहाँ हो' वहाँ से निकलना ज़रूरी है।"* ये पंक्ति बहुत गहरी बात कहती है 🌊 *1. नाव = अवसर, कृष्ण = मार्गदर्शक* बाल कृष्ण नाव लेकर खुद आए हैं और हाथ बढ़ाकर बुला रहे हैं। मतलब जब आप बदलाव के लिए तैयार होते हैं, तो ईश्वर खुद रास्ता बनाकर मदद भेजता है। *2. लड़का = हम सब* फटे कपड़ों में खड़ा लड़का हमारी मौजूदा स्थिति है: डर, कंफर्ट जोन, पुरानी आदतें, गरीबी, असफलता। घाट का किनारा वो जगह है जहाँ हम अटके हुए हैं। *3. नदी = जीवन यात्रा* दूसरे किनारे तक पहुँचने के लिए नदी पार करनी ही पड़ेगी। बिना जोखिम लिए, बिना पहला कदम बढ़ाए मंज़िल नहीं मिलती। *इस पंक्ति का जीवन में मतलब:* अगर आप चाहते हैं तो छोड़ना पड़ेगा **सफलता** आलस और बहाने **शांति** गुस्सा और नफरत **नई नौकरी** पुरानी असुरक्षा **आध्यात्मिक उन्नति** अहंकार और मोह *गीता का संदेश:* कृष्ण ने अर्जुन से भी यही कहा था: "उठ, कर्म कर। मोह छोड़।" यहाँ भी कृष्ण कह रहे हैं कि मैं नाव लेकर तैयार हूँ, पर नाव में बैठने के लिए तुम्हें घाट से पैर उठाना होगा। *सबसे मुश्किल काम यही है:* हम अक्सर सोचते रहते हैं, प्लान बनाते रहते हैं, पर "जहाँ हैं" वहीं बैठे रहते हैं। डर लगता है कि नाव डूब गई तो? दूसरा किनारा अच्छा नहीं हुआ तो? पर सच यही है: *जो किनारा छोड़ता है वही नया किनारा पाता है।* जय श्री कृष्णा जी 🙏

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