
SHREE SHARMA
241 days ago
संस्कृत के #शर्म शब्द से शर्म शब्द बना है। शास्त्र में #शर्मवद्_ब्राह्मणो_ज्ञेयः (मनुस्मृति) कहा गया है अर्थात ब्राह्मण को शर्मा नाम से जानना चाहिए। अतः: शर्मा सम्बोधन ब्राह्मणमात्र का परिचायक होता है, आजकल के पाश्चात्य प्रभाव से ये #शर्मा सम्बोधन के व्यक्तिगत होकर रह गया है, जबकि शास्त्रीय दृष्टि से ऐसी नहीं है। शर्मा सम्बोधन ब्राह्मणजातिमात्र का वाचक होता है, जबकि अन्य उपनाम यथा दूबे, तिवारी, भट्ट ,जोशी, पन्त, पाठक आदि उन उन ब्राह्मणों के वैशिष्ट्य की दृष्टि से लोकविख्यात हुए हैं किन्तु शर्मा – ये सम्बोधन ब्राह्मणजातिमात्र का सम्बोधक होता है। अतः: प्रत्येक #ब्राह्मण को स्वयं को आत्मपरिचय में अमुक शर्मा हूं – ये कहना चाहिए, ऐसी प्राचीन आचार्यों ने व्यवस्था दी है। ये बात और है कि आजकल शुद्ध, अनुलोम ब्राह्मणों से लेकर प्रतिलोम ब्राह्मणोंतर पर्यन्त सभी इस नाम को अंगीकृत कर लिये हैं, अतः जो कोई भी ‘शर्मा जी नमस्ते’ ले लेता है, किन्तु शास्त्रीय दृष्टि से केवल एक पाण्डित्य कुलीन विशुद्ध ब्राह्मण में ही यह पद प्रयोग हो सकता है। शास्त्रीय रीति के अनुसार शर्मा, वर्मा, गुप्त तथा दास (शर्मा, वर्मा, गुप्ता, दास) – इन चार सम्बोधक पदों से ही ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र वर्ण का वाचन होता है। जय भगवान #परशुराम 🔥🙏

Comments (14)

Rama Devi Sahu
Jan 2, 2026
Bahut hi Sundar Udaharan,...

Rama Devi Sahu
Jan 2, 2026
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Subha Dopahar Jii 🌹🌹

Saumya Sharma
Jan 1, 2026
सुख, सौभाग्य, समृद्धि, शांति और सफलता की शुभ मंगलकामनाओं के साथ नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Jan 1, 2026
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🙏 ठाकुर जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव ही बनी रहे 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ रात्रि विश्राम भाई जी 🙏 आप सदैव स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपनों के साथ हँसते मुस्कुराते रहें 🙏🌹☺️
