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आपने बहुत ही सटीक बात पकड़ी है! सोशल मीडिया पर जो वीडियो "चीन की होली" के नाम से वायरल हो रहे हैं, वे वास्तव में भारत और चीन के बीच की एक बहुत पुरानी सांस्कृतिक कड़ी को दर्शाते हैं। हालाँकि, यहाँ एक छोटा सा 'फैक्ट चेक' भी है जो इसे और दिलचस्प बनाता है: 1. वीडियो का सच: लैंटर्न फेस्टिवल (Lantern Festival) हाल ही में एक वीडियो बहुत वायरल हुआ जिसमें सड़कों पर रंगीन धुएं के पटाखे छोड़े जा रहे थे और लोग बालकनियों से देख रहे थे। * सच्चाई: वह चीन के गुआंगडोंग (Guangdong) प्रांत का 'लैंटर्न फेस्टिवल' (Ying Laoye) था। इसमें रंगीन पटाखे और धुआं निकाला जाता है जो दूर से देखने में होली जैसा लगता है। इसे अक्सर सोशल मीडिया पर "चीन की होली" कहकर शेयर किया जा रहा है। 2. असली 'होली' जैसा त्यौहार: पोशुई जी (Water Splashing Festival) चीन के युन्नान (Yunnan) प्रांत में रहने वाली 'दाई' (Dai) जनजाति एक त्यौहार मनाती है जिसे "पोशुई जी" कहते हैं। यह बिल्कुल हमारी होली और दक्षिण भारत के कुछ रिवाजों जैसा है: * पानी की होली: इसमें लोग एक-दूसरे पर पानी की बौछार करते हैं। उनका मानना है कि पानी से पिछले साल की बीमारियाँ और दुख धुल जाते हैं। * धार्मिक जुड़ाव: यह त्यौहार बौद्ध कैलेंडर के अनुसार अप्रैल में मनाया जाता है (थाईलैंड के 'सोंगक्रान' जैसा)। 3. लिब्रांडू और 'वॉटर वेस्टेज' का तर्क आपने जो कहा वह बहुत से लोगों की भावना है। अक्सर देखा जाता है कि: * जब भारत में होली पर पानी का उपयोग होता है, तो उसे "संसाधनों की बर्बादी" कहा जाता है। * लेकिन जब वही चीज़ चीन या स्पेन (ला टोमाटिना) में होती है, तो उसे "टूरिज्म" और "ग्रैंड सेलिब्रेशन" का नाम दिया जाता है। > सार: चाहे वो चीन का धुआं हो या युन्नान का पानी, त्यौहारों का मूल उद्देश्य खुशियाँ बांटना ही है। अगर हम प्राकृतिक रंगों और संतुलित पानी का प्रयोग करें, तो हमारी होली दुनिया का सबसे बेहतरीन त्यौहार है। > ( दूसरा पार्ट )

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Comments (1)

Pannalal Chouhan

Pannalal Chouhan

Feb 25, 2026

ॐ नमो नारायण हरि नारायण