MyMandirInstall
Profile

SHREE SHARMA

90 days ago

मोह-माया के जाल से, तारो हे त्रिपुरारि: मोह-माया का जाल: यह संसार आसक्ति, अहंकार, लोभ और सांसारिक बंधनों का एक जटिल जाल है, जिसमें उलझकर मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप (आत्मा) और ईश्वर को भूल जाता है। तारो: इसका अर्थ है 'उद्धार करना' या इस भवसागर से पार लगाना। त्रिपुरारि: यह भगवान शिव का एक पवित्र नाम है, जिसका अर्थ है 'त्रिपुरासुर का वध करने वाले'। जिस प्रकार शिव जी ने तीन अजेय पुरों (नगरों) का विनाश कर देवताओं को भयमुक्त किया था, उसी प्रकार भक्त प्रार्थना कर रहा है कि वे उसके भीतर के तीन विकारों (काम, क्रोध, लोभ) रूपी त्रिपुरासुर का अंत करें और इस सांसारिक जाल से उसका उद्धार करें। चरण शरण में राखियो, मैं हूँ शरण तुम्हारी: चरण शरण: भारतीय अध्यात्म में ईश्वर के चरणों की शरण में जाने का अर्थ है—अपने अहंकार को पूरी तरह से त्याग देना और स्वयं को परमात्मा के प्रति समर्पित कर देना। मैं हूँ शरण तुम्हारी: भक्त पूर्ण आत्मसमर्पण (शरणागति) के भाव के साथ कह रहा है कि हे भोलेनाथ! इस मतलबी और उलझाव भरे संसार में मेरा आपके अलावा कोई दूसरा आसरा नहीं है। मुझे अपनी छत्रछाया में बनाए रखना। मुख्य संदेश (भावार्थ) इस दोहे का मुख्य भाव वैराग्य और पूर्ण शरणागति है। यह याद दिलाता है कि सांसारिक सुख क्षणभंगुर और एक भ्रम (माया) हैं। इस जीवन चक्र और मानसिक बंधनों से मुक्ति केवल भगवान शिव की असीम अनुकंपा और उनके चरणों में विलीन होने से ही संभव है।

Post media

Comments (3)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 14, 2026

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया जाप मन को शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। भगवान महादेव की कृपा से जीवन के सभी भय, कष्ट और बाधाएँ दूर हों तथा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगल का वास हो। ॐ नमः शिवाय 🔱 🔔 🪔🙏

Savita om namah shivay 🙏🌹

Savita om namah shivay 🙏🌹

Jul 13, 2026

1. शिव ही सत्य हैं, शिव अनंत हैं, शिव अनादि हैं, शिव भगवंत हैं, शिव ओंकार हैं, शिव ब्रह्म हैं, शिव शक्ति हैं, शिव भक्ति हैं।