
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
191 days ago
*"दोस्तों, मैं आपको शिव जी के बारे में एक ऐसा अनसुना किस्सा बताता हूँ, जो शायद ही आपने कभी सुना हो*..." शिव जी का वो खूंखार रूप, जिसे देखकर भगवान नरसिंह का क्रोध भी शांत हो गया! हम सब जानते हैं कि जब भक्त प्रह्लाद को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने 'नरसिंह अवतार' (आधा इंसान, आधा शेर) लिया था, तो उन्होंने पापी हिरण्यकशिपु का पेट फाड़कर उसका वध कर दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उसके बाद क्या हुआ था? राक्षस का खून पीने के बाद भगवान नरसिंह का क्रोध इतना भयंकर हो गया था कि उनका गुस्सा शांत ही नहीं हो रहा था। उनकी दहाड़ से तीनों लोक कांपने लगे। ऐसा लगने लगा कि अब उनके क्रोध की आग में पूरी सृष्टि भस्म हो जाएगी। सारे देवता घबराकर भगवान शिव के पास कैलाश पहुँचे। तब महादेव ने ब्रह्मांड को बचाने के लिए अपना सबसे भयानक और रौद्र रूप धारण किया— 'शरभ अवतार'। यह रूप इतना खूंखार था कि इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। शरभ अवतार एक विशालकाय प्राणी था: जिसके आठ पैर थे। जिसका आधा शरीर शेर का और आधा चील (विशालकाय पक्षी) का था। उनके पंख इतने बड़े थे कि उनसे तूफान आ जाता था और उनकी आँखों से आग बरस रही थी। भगवान शिव (शरभ रूप में) नरसिंह भगवान के पास पहुँचे। जब नरसिंह भगवान का क्रोध फिर भी शांत नहीं हुआ, तो शरभ ने अपने विशाल पंजों में भगवान नरसिंह को जकड़ लिया और उन्हें लेकर आसमान में उड़ गए! काफी देर तक आसमान में रहने और शिव जी के इस महा-विशाल रूप को महसूस करने के बाद, भगवान नरसिंह को अहसास हुआ कि यह खुद महादेव हैं। तब जाकर उनका क्रोध शांत हुआ और उन्होंने शिव जी की स्तुति की। सीख (Conclusion): महादेव सिर्फ 'भोलेनाथ' नहीं हैं, वो महाकाल हैं। जब सृष्टि के संतुलन की बात आती है, तो उनसे ज्यादा भयंकर रूप इस पूरे ब्रह्मांड में किसी का नहीं हो सकता।

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