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25.6.2026 *"सलाह देना कोई अनिवार्य नहीं है। बहुत से लोग बिना मांगे सलाह देते रहते हैं। यह सभ्यता नहीं है।"* यदि आप किसी को सलाह देना चाहते हों, तो पहले उससे पूछें, कि *"क्या आप मेरी सलाह लेना चाहते हैं? यदि वह 'हां' कहे, तभी उसे सलाह दें। बिना पूछे बिना मांगे सलाह देना असभ्यता है।" "जब आप किसी को सलाह दें, तो पहले उसकी समस्या को पूरे ध्यान से सुनें। फिर उस पर गंभीर चिंतन करें, उसका समाधान सही ढंग से सोचें। यदि आपको सही समाधान मालूम हो, तो ही बताएं, अन्यथा नहीं।"* सबसे अच्छी बात तो यही है, कि *"यदि कोई सामने से सलाह मांगे, तो ही उसे आप सलाह दें। वह भी तब, जब आपको उस विषय में बहुत अच्छी जानकारी हो।"* यदि जानकारी न हो, तो मना कर दें, कि *"मैं इस विषय में ठीक से नहीं जानता। इसलिए आपको कोई अच्छी सलाह नहीं दे सकता। आप कृपया किसी और योग्य व्यक्ति से सलाह मांगें।"* *"गलत सलाह कभी न दें, और किसी को भी न दें। क्योंकि इससे उस व्यक्ति की हानि होगी, जिसको आपने गलत सलाह दी। और गलत सलाह देने पर उसकी हानि करने के कारण आपको भी दंड मिलेगा।"* *"अतः बहुत सोच समझ कर सलाह दें। कोई मांगे तभी सलाह दें। यदि सलाह देना अत्यंत आवश्यक हो, तो सलाह देने से पहले पूछ लें, वह 'हां' कहे, तभी सलाह देवें। यही सभ्यता है, इसीसे सबका सुख बढ़ेगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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