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*नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस देवी को नवरात्रि में छठे दिन पूजा जाता है। कात्य गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन ने भगवती पराम्बा की उपासना की। कठिन तपस्या की। उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री प्राप्त हो। मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। इसलिए यह देवी कात्यायनी कहलाईं। इनकी चार भुजाएं हैं। दाईं तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में है तथा नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में। मां के बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार है व नीचे वाले हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। इनका वाहन भी सिंह है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है* *आप और आपके परिवार पर मातारानी की कृपा सदैव बनी रहे* 🙏🏻 *जय माता दी*

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Comments (5)

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Sep 27, 2025

जय माता दी जी 🙏 माता रानी का आशीर्वाद आप ओर आप के परिवार पर बना रहे जी 🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 27, 2025

Bahut hi Sundar Barta 👌👌 Maa ki Aasirbad se Aap ka Har Manokamna Purna Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 27, 2025

Navaratri ke Chathe Din ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Subha Dopahar Jii 🙏 Mata Katyayni ki Aasirbad se Aap or Aap ke Pure Parivar ka Jeevan Sukad or Mangalkari Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 27, 2025

🙏🌺🔱 Jai Mata Di 🔱🌺🙏