
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
156 days ago
हे सूर्य देव सभी पर कृपा बनाए रखे और सभी के जीवन से रोग , अज्ञानता और दुःख को दुर करें ।। ॐ आदित्याय नमः 🙏🚩

Comments (5)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Mar 29, 2026
शुभप्रभात जी 🙏🏻

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Mar 29, 2026
शुभप्रभात जी 🙏🏻

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Mar 29, 2026
कितनी गहरी और सच्ची बात कही है आपने। अक्सर हम उन चीज़ों की हिफाज़त ज़्यादा करते हैं जिन्हें हम 'खोने' से डरते हैं या जो हमें 'महंगी' लगती हैं, जैसे कांच के बर्तन। लेकिन जो रिश्ता एक बार टूट जाए, उसे फिर से पहले जैसा जोड़ना नामुमकिन होता है। रिश्तों को सहेजने के लिए कुछ बातें हमेशा काम आती हैं: * अहम (Ego) का त्याग: रिश्ते कांच के बर्तनों से भी ज़्यादा नाज़ुक होते हैं, यहाँ 'मैं' की जगह 'हम' को अहमियत देना ज़रूरी है। सच्चे रिश्ते और अच्छे संस्कार ही इंसान की असली पूँजी होते हैं।

प्रेम कुमार
Mar 29, 2026
🌹 ऊं घृणि सूर्य नमः 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹

Rama Devi Sahu
Mar 29, 2026
मामूली से कांच के बर्तन का हम कितना ख्याल रखते है , समबन्ध तो अनमोल है , उन्हें सदैव सम्भाल कर रखिये ।। *🌻आप स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें 🌻*
