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21.4.2026 बहुत से लोग रात को बिस्तर पर लेट कर कुछ सोचते रहते हैं। भविष्य की योजनाएं बनाते रहते हैं। और सोने से पहले ही जागृत अवस्था में वे लोग सपने देखते हैं, कि *"हम अपने जीवन में क्या-क्या कर सकते हैं? यह काम करें अथवा वह काम करें, किस में अधिक उन्नति होगी। किस में अधिक लाभ होगा। किस काम में हमें शांति मिलेगी, किसमें हमारा भविष्य उज्जवल होगा।"* आदि आदि इस प्रकार के सपने देखते रहते हैं। इस प्रकार के सपने देखते देखते वे रात को सो जाते हैं। फिर सुबह उठते ही वे संकल्प करते हैं, कि *"यह काम तो करना ही है। बस, संकल्प करके उस काम के पीछे लग जाते हैं। पूरी शक्ति लगाते हैं और विश्राम के समय विश्राम भी पूरा करते हैं। इस प्रकार से पूरा पुरुषार्थ करते हुए वे अपने सपनों को साकार कर लेते हैं। ऐसे लोग अपने जीवन में सफल हो जाते हैं, और सुखी रहते हैं।" "जो लोग ऐसा नहीं करते, वे अपना सामान्य जीवन जीते हैं, और यूं ही संसार से चले जाते हैं।"* *"इसलिए किसी भी व्यक्ति को आलसी नहीं होना चाहिए, और प्रत्येक व्यक्ति को जागृत अवस्था में कुछ सपने अवश्य देखने चाहिएं। फिर उन सपनों को पूरा करने के लिए पूरी शक्ति लगानी चाहिए, जिससे कि उसका जीवन सफल और सुखमय बन सके।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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