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क्या आप जानते हैं कि माता पार्वती की एक ननद भी थीं? 😱 जानिए महादेव की बहन 'असावरी देवी' की यह अनसुनी और बेहद रोचक कथा! 👇 🏔️ कैलाश का एकांत और पार्वती जी की इच्छा: कैलाश पर्वत के शांत और एकाकी वातावरण में माता पार्वती को कभी-कभी सखियों की कमी खलती थी। अपने मन बहलाव के लिए उन्होंने महादेव से एक 'ननद' (पति की बहन) की कामना की। भोलेनाथ भला अपनी अर्धांगिनी की बात कैसे टालते? उन्होंने मुस्कुराते हुए यह इच्छा स्वीकार कर ली। ✨ असावरी देवी की उत्पत्ति: महादेव ने अपने दिव्य तेज से एक देवी को उत्पन्न किया, जिनका नाम रखा गया 'असावरी देवी'। हालाँकि, उनका स्वरूप अत्यंत स्थूल (विशाल) और थोड़ा विचित्र था। 🍲 असीम भूख और कैलाश में अन्न का संकट: असावरी देवी की भूख इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने पूरे कैलाश का भोजन अकेले ही समाप्त कर दिया! यहाँ तक कि शिवगणों और स्वयं महादेव के हिस्से का भोजन भी वे खा गईं, जिससे कैलाश के अन्य सभी सदस्यों को भूखा रहना पड़ा। 🦶 पैरों की दरार की वह भयानक घटना: स्थिति तब और बिगड़ गई जब एक दिन हँसी-मज़ाक के दौरान असावरी देवी ने माता पार्वती को अपने पैरों की विशाल दरारों में छिपा लिया! दरारें इतनी गहरी थीं कि माता पार्वती का दम घुटने लगा और वे बुरी तरह घबरा गईं। 🙏 भूल का अहसास और कैलाश से विदाई: किसी तरह बाहर आने के बाद माता पार्वती को अपनी भूल का अहसास हो गया। उन्होंने समझ लिया कि महादेव का एकांत और वैरागी जीवन ही सर्वोत्तम है। इसके बाद, महादेव ने असावरी देवी को स-सम्मान कैलाश से विदा किया और उन्हें तपस्या के लिए भेज दिया। राधे-राधे! 🌺🙏

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