
Rama Devi Sahu
110 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 12 मई 2026* *⛅दिन - मंगलवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - ज्येष्ठ* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - दशमी दोपहर 02:52 तक तत्पश्चात् एकादशी* *⛅नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद मध्यरात्रि 01:17 तक तत्पश्चात् उत्तर भाद्रपद* *⛅योग- वैधृति रात्रि 11:20 तक तत्पश्चात् विष्कम्भ* *⛅राहुकाल - दोपहर 03:41 से शाम 05:21 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:47* *⛅सूर्यास्त - 07:00 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:21 से प्रातः 05:04 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:57 से दोपहर 12:50 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:02 से मध्यरात्रि 12:45 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (मध्यरात्रि 01:17 से प्रातः 05:47 मई 13 तक)* *🌥️विशेष - दशमी को कलंबी का शाक खाना त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।* 🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।* 🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।* 🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।* 🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷 🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें 👉🏻 ......विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l* 🙏🏻 🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷 🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा*🙏🏻 *🙏 🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

Comments (6)

Rama Devi Sahu
May 13, 2026
🌹🌹 Budhwar Subah ki Ram Ram Jii 🌹🌹

Rama Devi Sahu
May 13, 2026
🌹🌹 Shubha Sakal ka Subha Abhivadan 🌹 Ram Ram Jii 🌹🌹

Rama Devi Sahu
May 13, 2026
Budhwar Subah ki Ram Ram Jii 🙏🌹🌹

सविता
May 12, 2026
Ram Ram ji 🙏🌹

vijay kushwaha
May 12, 2026
जयजय श्री राम

