
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
275 days ago
*अमृत कलश* *🌞 व्यक्तित्व निर्माण 🌞* 〰️〰️〰️♦️♦️〰️〰️〰️ *!!!..- चोट खाया हुआ साँप आक्रमणकारी पर ऐसी फुँकार मार कर दौड़ता है कि उसके होश छूट जाते हैं, बचाव के लिए भागना ही पड़ता है। साँसारिक व्यथाओं से विक्षुब्ध मनुष्य की भी ऐसी ही स्थिति होती है, जब मनुष्य को पीड़ायें चारों ओर से घेर लेती हैं और कोई सहारा नहीं सूझता तो वह निष्ठापूर्वक अपने परमेश्वर को पुकारता है। हार खाये हुए मनुष्य की कातर-पुकार से परमात्मा का आसन हिल जाता है और उन्हें सारी व्यवस्था छोड़कर भक्त की सेवा के लिए भागना पड़ता है।* *सफलता-असफलता, उन्नति और अवनति हानि और लाभ, सुख और दुःख आदि मानव-जीवन के जो भी संयोग हैं, वे उसके व्यक्तित्व की क्षमता पर निर्भर करते हैं। जिसने जिस अनुपात से अनुकूल और जिसने अपने व्यक्तित्व को जितना निकृष्ट, निर्बल और निस्तेज बनाया हुआ है वह उसकी प्रतिकूल सम्भावनाओं का भागी बनता है।* *जीवन में अभ्युदय पाने, ऊँचे उठने और सौभाग्यपूर्ण सफलताओं का वरण करने के लिए मनुष्य को अपना व्यक्तित्व पूर्ण, परिष्कृत एवं प्रतिभावान बनाना ही होगा! मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण बाह्य परिस्थितियों पर उतना निर्भर नहीं करता, जितना कि अपने प्रति उसके निजी दृष्टिकोण पर। जो व्यक्ति अपने प्रति जिस प्रकार की धारणा रखता है, वह उसी प्रकार का बन जाता है-..!!!* *🌼 जय माता दी 🌼🙏🏾*

Comments (1)

Sanjay Ahlawat
Nov 28, 2025
जय मां लक्ष्मी। सुप्रभात आपका दिन मंगलमय हो
