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Rama Devi Sahu

330 days ago

_*🪸༺꧁धन निरंकार जी꧂༻🪸*_ *_संसार मे अधिकांश लोगों विशेषकर महिलाओं का जीवन दिन भर क्या बनाएं क्या खाएं ? इसी प्रश्न को हल करने मे खप जाता है। दूसरी तरफ, जीवन का जो मुख्य लक्ष्य है कि मै कौन हूं ? हमेशा के लिए पीछे छूट जाता है।_* *_इस प्रकार अनमोल जीवन बिना लक्ष्य को प्राप्त किए खत्म हो जाता है!🙏_* _*🪷༺꧁Have a nice day꧂༻🪷*_

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Comments (6)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 5, 2025

Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Sakal ka Subha Abhinandan 🙏🌹🌹

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Oct 5, 2025

श्रीकृष्ण के लिए राधा का प्रेम निस्वार्थ भक्ति और आत्मा का प्रतीक है, जिसमें कोई अपेक्षा नहीं थी, जबकि रुक्मिणी का प्रेम भक्त और पत्नी के बीच का एक मानवीय और आध्यात्मिक संतुलन दर्शाता है। राधा को कृष्ण की प्रेमिका व आदिशक्ति माना जाता है, वहीं रुक्मिणी उनकी पत्नी व लक्ष्मी का अवतार हैं। कृष्ण का संबंध राधा से आत्मिक था, जबकि रुक्मिणी से दैहिक और सामाजिक था। राधा के प्रेम का स्वरूप: आध्यात्मिक और आत्मिक: राधा कृष्ण की आत्मा और प्रेमिका थीं, जहाँ कृष्ण का निवास राधा में था और राधा का निवास कृष्ण में। निस्वार्थ: राधा का प्रेम पूर्ण रूप से निस्वार्थ था, जिसमें कृष्ण से कोई अपेक्षा नहीं थी, केवल प्रेम ही था। भक्ति का सर्वोच्च रूप: राधा को भक्ति के सर्वोच्च रूप का प्रतीक माना जाता है, जो सामाजिक बंधनों से परे है। आदि शक्ति: राधा को आदिशक्ति माना जाता है, जो कृष्ण से प्रेम करती हैं और कृष्ण भी राधा में समाए हैं। रुक्मिणी के प्रेम का स्वरूप: मानवीय और दैहिक: रुक्मिणी कृष्ण की पत्नी थीं, और उनका संबंध राधा के आत्मिक संबंध की तुलना में अधिक दैहिक और सांसारिक था। समर्पित पत्नी: रुक्मिणी ने एक पत्नी और भक्त के रूप में अपना धर्म निभाया, और वह कृष्ण की पूरी जीवन की साक्षी थीं। लक्ष्मी का अवतार: रुक्मिणी को माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है, जो ऐश्वर्य और स्त्री शक्ति का प्रतीक हैं। स्वामी-सेविका भाव: रुक्मिणी का प्रेम स्वामी-सेविका के भाव पर आधारित था, जहाँ वह कृष्ण की सेवा करती थीं। मुख्य अंतर: संबंध का प्रकार: राधा का संबंध आत्मा-परमात्मा का था, जबकि रुक्मिणी का संबंध पति-पत्नी का था। अवस्था: राधा को आत्मा और सूक्ष्म तत्व का प्रतीक माना जाता है, जबकि रुक्मिणी को देह और स्थूल तत्व का। उद्देश्य: राधा का प्रेम केवल प्रेम था, जो भक्ति का सर्वोच्च रूप है। रुक्मिणी का प्रेम भक्ति के साथ-साथ मानवीय भावनाओं और आध्यात्मिक भक्ति का संतुलन था। 🌸🌷🦚

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Oct 5, 2025

🙏🙏🙏🙏🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 5, 2025

Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Sakal ka Subha Abhinandan 🌹🥀🌹

Amit

Amit

Oct 5, 2025

Radhe Radhe 🙏🙏