
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
28 days ago
“कर्ण और दुर्योधन की दिव्य दोस्ती” अगर कर्ण ने उस दिन दोस्ती को न चुना होता तो आज महाभारत का दृश्य कुछ और होता। दुर्योधन का मनोबल टूट जाता, कुरुक्षेत्र का रुख बदल जाता। न अर्जुन पर धर्मसंकट आता, न श्रीकृष्ण से वो गीता का ज्ञान पाता। चाहे कर्ण और दुर्योधन राजपाट नहीं जीते, लेकिन इतिहास के पन्नों में उनकी दोस्ती हमेशा के लिए अमर हो गयी।
Comments (1)

R k jangid phulera Jaipur
Aug 2, 2026
परम मित्र मित्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
