
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
292 days ago
*ये "जिंदगी है साहिब"मंजिल का "लालच" देकर सारी उम्र सफर में रखती है सम्बन्ध एक खूबसूरत इमारत की तरह होते हैं यदि कभी कभार हल्की फुल्की दरारें नज़र आएं तो तो उनकी मरम्मत की जाती है इमारत नहीं ढहाई जाती यह चिड़ियों का चहकना फूलों का महकना कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि प्रकृति की सुंदरता हैं"नफ़रत" भी कोई करने की चीज हैं करना ही है तो सबर करें रहम करें माफ़ करें कुछ चेहरे कभी भूलते नहीं कुछ नाम दिल से मिटाये नहीं जाते मुलाकात हो नां हो चाहत के चिराग कभी बुझते नहीं जीवन के बारे में सोचते समय याद रखें कितना भी पश्चाताप भूतकाल को हल नहीं कर सकता और कितनी भी चिंता "भविष्य" को नहीं बदल सकती इसलिए"वर्तमान"का आनंद ले* *💫🌹 जय श्री राम 🌹💫* *💫🌹शुभ प्रभात🌹💫*

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