
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
171 days ago
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः 🪷 यह मंत्र भगवान कृष्ण की स्तुति में पढ़ा जाने वाला एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली श्लोक है। इसका सरल हिंदी अर्थ नीचे दिया गया है: मंत्र का भावार्थ > "वासुदेव के पुत्र श्री कृष्ण को, जो भक्तों के कष्टों को हरने वाले परमात्मा हैं, मैं प्रणाम करता हूँ। दुखों का नाश करने वाले उन गोविंद को मेरा बार-बार नमस्कार है।" > शब्द-दर-शब्द व्याख्या यहाँ इस मंत्र के प्रत्येक शब्द का अर्थ है ताकि आप इसकी गहराई को समझ सकें: | शब्द | अर्थ | |---|---| | कृष्णाय | भगवान कृष्ण को | | वासुदेवाय | वासुदेव के पुत्र को | | हरये | दुखों को हरने वाले को | | परमात्मने | जो साक्षात् परमात्मा हैं | | प्रणतः | शरणागत (प्रणाम करने वाला) | | क्लेशनाशाय | कष्टों और मानसिक क्लेशों का नाश करने वाले | | गोविंदाय | इंद्रियों और गौओं के स्वामी (गोविंद) को | | नमो नमः | बार-बार नमस्कार है | विशेषता यह मंत्र विशेष रूप से 'क्लेशनाशाय' शब्द के कारण प्रसिद्ध है। माना जाता है कि जो व्यक्ति जीवन में अत्यधिक मानसिक तनाव या कठिनाइयों से गुजर रहा हो, उसके लिए इस मंत्र का जाप शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाने वाला होता है।

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