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卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐 🌞दिनांक - 09 मार्च 2026 ⛅दिन - सोमवार ⛅विक्रम संवत् - 2082 ⛅अयन - उत्तरायण ⛅ऋतु - वसंत ⛅मास - चैत्र ⛅पक्ष - कृष्ण ⛅तिथि - षष्ठी रात्रि 11:27 तक तत्पश्चात् सप्तमी ⛅नक्षत्र - विशाखा शाम 04:11 तक तत्पश्चात् अनुराधा ⛅योग - व्याघात प्रातः 07:36 तक तत्पश्चात् हर्षण ⛅राहुकाल - सुबह 08:11 से सुबह 09:40 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅सूर्योदय - 06:42 ⛅सूर्यास्त - 06:33 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में ⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:04 से प्रातः 05:53 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:14 से दोपहर 01:01 (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:13 से मध्यरात्रि 01:01 तक (उज्जैन मानक समयानुसार) 🌥️व्रत पर्व विवरण - एकनाथजी षष्ठी, सर्वार्थसिद्धि योग (शाम 04:11 से प्रातः 06:41 मार्च 10 तक) 🌥️विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुंह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) 🔹होली के बाद ध्यान रखने योग्य बातें🔹 🔸१] होली के बाद के २० - २५ दिन नीम के २० - २५ कोमल पत्ते व १ - २ काली मिर्च खा लो या नीम के फूलों का रस १ – २ काली मिर्च का चूर्ण डालकर पी लो । इससे शरीर में ठंडक रहेगी और गर्मी झेलने की शक्ति आयेगी, पित्त-शमन होगा और व्यक्ति वर्षभर निरोग रहेगा । 🔸२] होली के बाद १५ – २० दिनों तक बिना नमक का भोजन करें तो आपके स्वास्थ्य में चार चाँद लग जायें । बिना नमक का नहीं कर सकते तो कम नमकवाला भोजन करो । 🔸३] अपने सिर को धूप से बचाना चाहिए । जो सिर पर धूप सहते हैं उनकी स्मरणशक्ति, नेत्रज्योति और कानों की सुनने की शक्ति क्षीण होने लगती है । ४२ साल के बाद बुढापा शुरू होता है, असंयमी और असावधानीवालों का दिमाग कमजोर हो जाता है । गर्मियों में नंगे सिर धूप में घूमने से पित्त बढ़ जाता है, आँखें जलती हैं । अत: सिर को धूप से बचाओं, अपने को दुःखों से बचाओ, मन को अहंकार से बचाओ और जीवात्मा को जन्म-मरण से बचा के परमात्मा से प्रेम करना सिखा दो ! ▬▬๑⁂❋⁂๑▬▬        🚩जय श्री राम🚩        🚩धर्मो रक्षति रक्षितः        🇮🇳हिन्दू राष्ट्र भारत

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