
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
185 days ago
कर्मों की गति जीव जीव का भक्षण कर रहा है अतः कर्म सोच समझ कर करें कर्मों से डरें .🥹😳🤔
Comments (8)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 27, 2026
धन्यवाद 🙏👍

shivaji GUtte
Feb 27, 2026
अपने कर्म पर सत्य वचन रही है 👌 🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 27, 2026
सुंदर विचार के लिए धन्यवाद 🙏शुभ संध्या

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Feb 27, 2026
आपकी बात में बहुत गहरी सच्चाई और एक कड़वा बोध है। सृष्टि का यह नियम कि "जीवो जीवस्य भोजनम्" (एक जीव दूसरे जीव का आधार है), हमें यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि हम इस चक्र में अपनी भूमिका कैसे निभा रहे हैं। कर्मों की गति वास्तव में बहुत सूक्ष्म और जटिल होती है। यहाँ कुछ बिंदु हैं जो आपके विचार को और गहराई देते हैं: 1. कर्मों की अनिवार्यता संसार में रहते हुए पूरी तरह 'अकर्म' होना असंभव है। हम सांस लेते हैं तो भी सूक्ष्म जीवों की मृत्यु होती है। लेकिन फर्क 'इरादे' (Intent) का होता है। * अज्ञानवश कर्म: जो अनजाने में हुआ। * सचेत कर्म: जो स्वार्थ, अहंकार या हिंसा की भावना से किया गया। 2. कर्मों से डरें या सजग रहें? डरना एक शुरुआती सीढ़ी हो सकती है, लेकिन 'सजगता' (Awareness) ज्यादा प्रभावशाली है। जब हम डरते हैं, तो हम दबाव में होते हैं। जब हम सजग होते हैं, तो हम दया और करुणा से भर जाते हैं। * प्रतिक्रिया: क्या मेरा यह काम किसी को दुःख पहुँचा रहा है? * परिणाम: जो मैं आज बो रहा हूँ, क्या मैं उसे कल काटने के लिए तैयार हूँ? 3. कर्म सुधारने के व्यावहारिक तरीके अगर प्रकृति का नियम कठोर है, तो मनुष्य होने के नाते हमारे पास 'विवेक' है। हम अपने कर्मों के बोझ को कम कर सकते हैं: * अहिंसा का भाव: जितना संभव हो, कम से कम क्षति पहुँचाना। * सेवा और दान: अनजाने में हुए पापों का प्रायश्चित सत्कर्मों से करना। * वाणी पर नियंत्रण: कभी-कभी शब्द किसी के प्राण लेने से भी ज्यादा घातक होते हैं। > "जैसे बछड़ा हजारों गायों के बीच अपनी माँ को ढूंढ लेता है, वैसे ही कर्म अपने कर्ता को ढूंढ ही लेता है।" > आपकी यह चिंता दिखाती है कि आपका मन जागृत है और आप जीवन की संवेदनशीलता को समझ रहे हैं। यह 'डर' नहीं, बल्कि 'आध्यात्मिक जिम्मेदारी' है। शुभप्रभात जी 🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 27, 2026
प्रशंसा करना आप पर ईश्वर की कृपा बनी रहे और आप स्वस्थ रहें, उपवास के दौरान आपको आशीर्वाद मिले। 🙏🕉️ tatsat

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 27, 2026
हाँ, गुप्त प्रकृति संदेश के साथ, धन्यवाद। 🙏

Rama Devi Sahu
Feb 27, 2026
🌹🌹 Shubh Shukravar or Aamliki Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Suprabhat Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe ❤️ Aap ka Din Subha Kalyan Ho 🌹❤️🌹

Rama Devi Sahu
Feb 27, 2026
Ati Durlabh Post hai 👌👌🙏
