
SHREE SHARMA
323 days ago
#भगवान्का_नाममय_स्तवन एकैकमेव तव नाम हरेन्मुरारे जन्मार्जिताघमधिनां च महापदाढ्यम् । दद्यात् फलं च महितं महतो मखस्य जप्तं मुकुन्द मधुसूदन माधवेति ॥ नारायणेति नरकार्णवतारणेति दामोदरेति मधुहेति चतुर्भुजेति । विश्वम्भरेति विरजेति जनार्दनेति क्वास्तीह जन्म जपतां क्व कृतान्तभीतिः ॥ #स्कन्दपुराण_का०_उ० ६०| ३४-३५ ❝भगवन् ! मुरारे, मुकुन्द, मधुसूदन, माधव इत्यादि रूपसे आपके एक-एक नामका भी यदि जप किया जाय तो वह पापियोंके जन्मभरके उपार्जित पापपुञ्जको उनकी महाविपत्तियोंके साथ हर लेता है और बड़े-बड़े यज्ञोंका महत्त्वपूर्ण फल प्रदान करता है। नारायण, नरकार्णवतारण, दामोदर, मधुसूदन, चतुर्भुज, विश्वम्भर, विरज और जनार्दन इत्यादि नामोंका जप करनेवाले पुरुषोंका इस संसारमें कहाँ जन्म हो सकता है तथा उन्हें कालका भय भी कहाँ प्राप्त हो सकता है ।❞ 🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿

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