
SHREE SHARMA
329 days ago
#बोधकथा || किताबी ज्ञान || एक गृहस्थका इकलौता बेटा मर गया। माँ-बाप खूब रुदन करने लगे। वे किसी तरह शान्त ही नहीं होते थे। उनके यहाँ एक ज्ञानी साधु आये और पति-पत्नीको उपदेश देने लगे, 'मृत्यु शरीरकी होती है। आत्मा तो अमर है। आत्माकी कभी मृत्यु नहीं होती। अतः अपने पुत्रकी मृत्युपर तुम्हारा शोक करना व्यर्थ है।' ज्ञानकी बड़ी-बड़ी बातें करके ज्ञानीजी चले गये। थोड़े दिनों बाद उस गृहस्थने ज्ञानीजीको रोते हुए देखा। पता लगा कि उनकी बकरी मर गयी, इसलिये रो रहे हैं। गृहस्थको बड़ा आश्चर्य हुआ। उसने साधुसे कहा— 'महाराज ! आप मुझे उपदेश देते थे कि किसीकी मृत्युपर शोक नहीं करना चाहिये। मेरा तो इकलौता बेटा मरा था, फिर भी आप कहते थे कि रुदन करना उचित नहीं है। अब आप बकरीकी मृत्युपर ही रोने बैठ गये हैं।' साधुने कहा— 'लड़का तेरा था, किंतु बकरी मेरी है न ! इसीलिये रो रहा हूँ।' अन्यके इकलौते पुत्रकी मृत्युपर जो ज्ञान पैदा हुआ, वह स्वयंकी बकरीके मर जानेपर कहाँ विलुप्त हो गया ? पुस्तकीय ज्ञान ज्यादा टिकता नहीं है। जीवनमें सदाचार, संयम एवं भक्तिके आनेपर जो ज्ञान स्वतः स्फुरित हो, वही शाश्वत ज्ञान है। ज्ञान कोई वाणी-विलास नहीं है। ज्ञानका अनुभव करो, उसे जीवनमें उतारो, आचरणमें रूपान्तरित करो। ज्ञानका उपयोग 'परोपदेशे पाण्डित्यम्'— अर्थात् दूसरोंको उपदेश देनेमें नहीं, स्वयंकी मुक्तिके लिये है। आचरणमें लाये बिना ज्ञानकी बातें केवल दम्भ हैं। 🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿

Comments (4)

Saumya Sharma
Oct 5, 2025
जय शिव शक्ति 🙏 बहुत ही प्रेरक प्रसंग प्रेरणप्रद पोस्ट 👌👌 है 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Oct 5, 2025
अक्टूबर माह के पहले रविवार की सप्रेम राम राम भाई जी 🙏🌹☺️ भगवान भास्कर आपके जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और प्रगति प्रदान करें 🙏🌹☺️ आने वाला दिन आपके लिए शुभ व मंगलमय हो 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ रात्रि विश्राम 🙏🌹☺️

Rama Devi Sahu
Oct 5, 2025
Hari Om 🙏 Subha Sandhya Vandan 🙏🌹🪔🌹🙏

Rama Devi Sahu
Oct 5, 2025
Bahut hi Sundar Gyan ki Baatein 👌👌
