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भीष्म पितामह 58 दिन शरशैय्या पर जीवित रहे थे🙏और जीसस चार कील में ही निकल लिए थे😂 #भीष्म पितामह जैसे त्याग और ज्ञान जीसस में कहाँ है ?? जीसस को 4 कीलें लगाई गई थी और .............। वहीं दूसरी ओर भीष्म पितामह तीरों से छलनी होकर भी 58 दिनों तक बाणों की शैय्या मे पुरे होश मे रहे और आध्यात्म, अमूल्य प्रवचन,और ज्ञान देने के उपरांत अपनी इच्छानुसार मकर संक्रांति को प्राण त्याग दिए। जब इतने ज्ञानी,त्यागी भीष्म को हमने भगवान नही माना तो फिर जीसस को क्यों माने ? ये भारत की भूमि श्री राम जी और श्रीकृष्णजी के त्याग,समर्पण,आध्यात्म और ज्ञान की भूमि है हिन्दुओ की मातृभूमि है। इसलिए 25 दिसम्बर हम हिंदुओं के लिये कोई महत्व का दिन नही। 💐*हिंदुत्व क़ो सुदृढ़ और संगठित करने में योगदान दीजिये और हिंदुत्व की महिमा क़ो समझो*💐 🚩 जय श्री राम 🚩

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