
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
40 days ago
22.7.2026 छोटे बच्चे खिलौनों से खेलते हैं। उन्हें बहुत अच्छा लगता है। *"परंतु 2 वर्ष बाद वे उन खिलौनों से नहीं खेल सकते। क्योंकि तब तक उनका मानसिक तथा बौद्धिक स्तर बढ़ जाता है। इसलिए वे खिलौने छूट जाते हैं। तब उनके स्थान पर दूसरे नए खिलौने आ जाते हैं।"* इसी प्रकार से जैसे-जैसे बच्चे बढ़ते जाते हैं, उनका मानसिक बौद्धिक स्तर भी बढ़ने से उनके खेलकूद की वस्तुएं मनोरंजन की वस्तुएं अथवा अन्य व्यवहार की वस्तुएं बदलती जाती हैं। *"बचपन में बच्चे नकली कार से काम चला लेते हैं, पर 20 वर्ष का युवक उस नकली कार से काम नहीं चला सकता। अब उसको असली कार चाहिए।"* इसी प्रकार से 'समय' हर वस्तु का मूल्य व्यक्ति को समझा देता है। *"छोटी उम्र में जिन महत्वपूर्ण कार्यों को माता-पिता बच्चों को सिखाते हैं, तब बच्चे उनका मूल्य नहीं समझते। धीरे-धीरे जब वे बड़े हो जाते हैं, तब उन्हें उन सब कार्यों और वस्तुओं का मूल्य समझ में आने लगता है, जो 10 20 वर्ष पहले उन्हें समझ में नहीं आता था।" "इस प्रकार से समय एक ऐसा तत्व है, जो संसार की हर वस्तु का मूल्य आपको समझा देता है।"* *"अतः समय की उपेक्षा न करें। जिस समय जो कार्य करना आवश्यक हो, उस समय पर उस काम को अवश्य करें।" "यदि आप समय का सम्मान करेंगे, तो समय भी आपका सम्मान करेगा। अन्यथा समय चूक जाने पर, बाद में केवल पश्चाताप ही करना होगा।" "इससे बचने के लिए समय का पूरा लाभ उठाएं, और अपने माता-पिता बड़े बुजुर्गों तथा गुरुजनों के निर्देश का पालन करते हुए, अपने जीवन को सुखमय एवं सफल बनाएं।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक निदेशक दर्शन योग महाविद्यालय रोजड़ गुजरात।"*

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
