MyMandirInstall

पेरेग्रिन फाल्कन (Peregrine Falcon), जिसे हिंदी में 'बहरी' या 'घुमंतू बाज' भी कहा जाता है, अपनी अद्भुत रफ्तार के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहाँ इस शिकारी पक्षी के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारियां दी गई हैं: 1. दुनिया का सबसे तेज़ शिकारी पेरेग्रिन फाल्कन को पृथ्वी का सबसे तेज़ जीव माना जाता है। जब यह शिकार करने के लिए आसमान से गोता (Stoop) लगाता है, तो इसकी रफ्तार 320 किमी/घंटा से भी अधिक हो सकती है। वैज्ञानिकों ने इसकी अधिकतम गति 389 किमी/घंटा तक दर्ज की है। 2. शारीरिक विशेषताएँ * आकार: यह एक मध्यम आकार का बाज है। इसकी लंबाई लगभग 34 से 58 सेमी के बीच होती है। * पंख: इसके पंख लंबे, नुकीले और नीले-लेटी (blue-grey) रंग के होते हैं। * चेहरा: इसकी आंखों के नीचे काले रंग की एक पट्टी होती है, जो 'मूंछ' जैसी दिखती है। यह सूरज की चमक से इसकी आंखों को बचाती है। 3. आवास (Habitat) यह दुनिया के लगभग हर हिस्से में पाया जाता है (अंटार्कटिका को छोड़कर)। ये ऊँची चट्टानों, गगनचुंबी इमारतों और पुलों पर अपना घोंसला बनाना पसंद करते हैं ताकि वहाँ से शिकार पर नज़र रख सकें। 4. शिकार और भोजन इनका मुख्य भोजन छोटे-मध्यम आकार के पक्षी होते हैं, जैसे कबूतर, बतख और छोटे समुद्री पक्षी। ये हवा में ही अपने शिकार को पकड़ने या टक्कर मारकर नीचे गिराने में माहिर होते हैं। 5. संरक्षण की स्थिति एक समय में कीटनाशकों (जैसे DDT) के अत्यधिक उपयोग के कारण इनकी संख्या बहुत कम हो गई थी। लेकिन अब इन्हें संरक्षित किया गया है और इनकी आबादी में काफी सुधार हुआ है। पेरेग्रिन फाल्कन की उड़ान और उसके जीवन चक्र के बारे में कुछ हैरान कर देने वाली बातें यहाँ दी गई हैं: 1. उड़ने की तकनीक: आसमान का "फाइटर जेट" पेरेग्रिन फाल्कन की उड़ान किसी इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं है। जब यह अपने शिकार पर हमला करता है, तो इसे 'हाई-स्पीड स्टूप' (High-speed stoop) कहते हैं। * वायुगतिकी (Aerodynamics): गोता लगाते समय यह अपने पंखों को शरीर से चिपका लेता है, जिससे इसका शरीर एक आंसू की बूंद (teardrop) के आकार का हो जाता है। इससे हवा का प्रतिरोध (drag) कम हो जाता है। * प्रेशर कंट्रोल: इतनी तेज़ रफ्तार में सांस लेना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इनकी नाक के छिद्रों में छोटी हड्डियाँ होती हैं जिन्हें 'ट्यूबरकल्स' (Tubercles) कहते हैं। ये तेज़ हवा के दबाव को नियंत्रित करती हैं ताकि बाज आसानी से सांस ले सके। * नज़रिया (Vision): इनकी आँखों में एक तीसरी पलक होती है जिसे 'निक्टिटेटिंग मेम्ब्रेन' कहते हैं। यह गोता लगाते समय आँखों को कचरे से बचाती है और नमी बनाए रखती है। 2. जीवन चक्र (Life Cycle) पेरेग्रिन फाल्कन का जीवन संघर्ष और वफादारी से भरा होता है: * जीवनसाथी: ये पक्षी आम तौर पर 'मोनोगैमस' होते हैं, यानी वे जीवन भर एक ही साथी के साथ रहते हैं। हर साल वे प्रजनन के लिए उसी पुराने घोंसले (जिसे 'आयरी' (Eyrie) कहा जाता है) पर लौटते हैं। * अंडे और चूजे: मादा एक बार में 3 से 4 अंडे देती है। लगभग 33 दिनों तक अंडों को सेने के बाद चूजे निकलते हैं। * ट्रेनिंग: जन्म के करीब 6 हफ्ते बाद चूजे उड़ना शुरू कर देते हैं। माता-पिता उन्हें हवा में ही शिकार पकड़ने की कला सिखाते हैं। वे शिकार को हवा में छोड़ देते हैं और चूजों को उसे पकड़ना होता है। * उम्र: जंगली पेरेग्रिन फाल्कन की औसत आयु 12 से 15 साल होती है, हालांकि कुछ इससे ज़्यादा भी जीते हैं। एक रोचक तथ्य > क्या आप जानते हैं? पेरेग्रिन फाल्कन की आँखें इंसानी आँखों की तुलना में 8 गुना ज़्यादा साफ़ देख सकती हैं। वे एक मील (1.6 किमी) से भी अधिक दूरी से अपने शिकार को पहचान सकते हैं। >

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!