
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
264 days ago
प्रत्येक समय का अपना धर्म होता है। उदाहरण: वर्षा ऋतु का धर्म → संग्रह, उपचार, स्थिरता हेमंत ऋतु का धर्म → बल वृद्धि शिशिर ऋतु → धैर्य, मौन वसंत → सृजन, नवोदित ऊर्जा ग्रीष्म → विचार, योजना अर्थ: हर समय में क्या करना उचित है → यही समय का धर्म है। यदि व्यक्ति समय के धर्म को समझे → वह समय की लहरों के विपरीत संघर्ष नहीं करेगा।
Comments (4)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Dec 9, 2025
जय सिया राम जी 🙏 शुभप्रभात आपका दिन मंगलमय हो

R k jangid phulera Jaipur
Dec 9, 2025
जय सियाराम जी शुभ प्रभात वंदन 🙏

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Dec 9, 2025
जय सिया राम जी 🙏

आर ऐन सोनी
Dec 9, 2025
✍️🌷🙏®️नमस्कार
