
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
174 days ago
30.3.2026 यह संसार कर्म क्षेत्र है, और साथ ही साथ कर्मों का फल भोगने का भी यहां अवसर मिलता है। वेदों और ऋषियों के ग्रंथों में लिखा है कि *"आप जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल आपको मिलेगा। यदि आप दूसरों पर दया करेंगे, सच्चे और ईमानदार बनेंगे, दूसरों की सेवा करेंगे, तो आपके इन उत्तम कर्मों का फल आपको भी यहां वापस मिलेगा।"* हां, एक बात का ध्यान अवश्य रखेंगे, कि *"संसार में सब लोग अच्छे नहीं हैं। कुछ लोग दुष्ट भी हैं। उनको भी पहचानना होगा, और उनसे दूर रहना होगा। यदि आप इतना कर लेंगे, तो निश्चित रूप से आप सुखमय जीवन जी सकेंगे।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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