
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
2 days ago
*🌹पितृपक्ष नियम 2026: पितृ पक्ष में भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें तर्पण और श्राद्ध के 10 जरूरी नियम🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕पंचांग के अनुसार, इस साल पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा से हो रहा है. पितृ पक्ष के दौरान पितरों के लिए श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) करने की परंपरा है.* *सनातन धर्म में पितरों को देवता के समान माना गया है. पितृ देव की कृपा पाने के लिए पितृ पक्ष में कुछ आवश्यक नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है. आइए, जानते हैं कि इस दौरान किन 10 खास नियमों का पालन किया जाता है.* *⚜️पितृ पक्ष के 10 नियम* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* *🚩मृत्यु तिथि करें श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान)-* पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों की कृपा पाने के लिए उनकी मृत्यु तिथि पर ही श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) करें. किसी अन्य तिथि पर पूर्वजों का तर्पण न करें. अगर पूर्वज की मृत्यु तिथि याद नहीं है, उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या पर तर्पण करने की परंपरा है. *🚩मांगलिक कार्यों को करने से बचें-* धर्म शास्त्र के अनुसार पितृ पक्ष में गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन (जनेऊ) और शादी आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. इसलिए पितृ पक्ष में मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए. *🚩तामसिक भोजन न करें-* पितृ पक्ष के दौरान तामसिक भोजन का सेवन नहीं किया जाता है. मान्यतानुसार, इस दौरान सात्विक भोजन करने से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है. ऐसे में पितृ पक्ष में मांस-मछली आदि तामसिक चीजों का सेवन करने से बचें. *🚩चतुर्दशी श्राद्ध से जुड़ा नियम-* पितृ पक्ष में चतुर्दशी तिथि के श्राद्ध का विशेष ध्यान रखा जाता है. चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध उनके लिए किया जाता है, जिनकी मृत्यु हिंसा, दुर्घटना या असामान्य परिस्थितियों में हुई. शास्त्रों के अनुसार, चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध सामान्य मृत्यु के लिए नहीं किया जाता. हालांकि, इस दिन उन पूर्वजों के लिए भी तर्पण किया जाता है, जिनकी मृत्यु किसी पक्ष (शुक्ल या कृष्ण) की चतुर्दशी तिथि में हुई. *🚩दान से जुड़ा नियम-* धर्मशास्त्र के जानकार पं. धर्मनाथ झा ने बताया कि पितृ पक्ष के दौरान दान करने की परंपरा है, लेकिन दिखावे के लिए ऐसा नहीं करना चाहिए. पितृ पक्ष में अपने सामर्थ्य के अनुसार ही दान कर्म करना चाहिए. इस दौरान जरूरतमंद लोगों को अनाज, भोजन सामग्री, कपड़े का दान करना चाहिए. *🚩घर में न करें कलह-क्लेश-* पितृ पक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा. ऐसे में पितृ पक्ष के दौरान घर में कलह-क्लेश न करें. पितृ पक्ष में घर में शांत वातावरण बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए. इससे पितृ देव प्रसन्न होते हैं, ऐसी मान्यता है. *🚩तर्पण से जुड़ा नियम-* पितृ पक्ष में पूर्वज का तर्पण करना आवश्यक माना गया है. इस दौरान पूर्वजों के लिए काले तिल और जल से तर्पण किया जाता है. मान्यता है कि पितृ पक्ष में पूर्वजों के लिए तर्पण करने से उनकी आत्मा तृप्त होती है, जिससे उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. *🚩पंचबलि का नियम-* पितृ पक्ष में गाय, कुत्ता, कौआ, चींटी और देवता के लिए भोजन का एक हिस्सा अलग-अलग निकालने की परंपरा है. इसे पंचबिल कर्म कहा जाता है. पितृ पक्ष के दौरान यह काम करने से देवता और पितर दोनों की कृपा प्राप्त होती है. *🚩सही समय पर करें तर्पण-* पितृ पक्ष में पूर्वजों के श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) के लिए कुतुप और रौहिण मुहूर्त (दोपहर के समय) शुभ माने गए हैं. पितृ पक्ष के दौरान सुबह या शाम में तर्पण करने की परंपरा नहीं है. *🚩तर्पण के लिए दिशा का रखें ध्यान-* पूर्वजों के तर्पण के लिए सही दिशा का विशेष ध्यान रखा जाता है. धर्मशास्त्र के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके कुश, काला तिल और जल से पितृ देव का तर्पण करना चाहिए. *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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