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आज श्री हनुमान जन्मोत्सव के इस अत्यंत पावन अवसर पर, अयोध्या धाम की पावन धरती और सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी से बजरंगबली की आरती का स्मरण मात्र ही मन को असीम शांति और भक्ति से भर देता है। ॥ श्री हनुमान चालीसा एवं आरती ॥ हनुमानगढ़ी में गूँजते शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच, प्रभु के इस दिव्य रूप की आरती का फल अनंत है। जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥ राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥ हनुमान जन्मोत्सव का महत्व आज के दिन भक्त उपवास रखते हैं और विशेष रूप से सुंदरकांड का पाठ करते हैं। अयोध्या की हनुमानगढ़ी में यह मान्यता है कि प्रभु श्री राम के दर्शन से पहले भक्त हनुमान जी के दर्शन कर उनकी आज्ञा लेते हैं। आज के पावन दिन के लिए कुछ विशेष: * सिंदूर अर्पण: प्रभु को चोला चढ़ाना आज के दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। * भोग: बूंदी के लड्डू और इमरती का भोग हनुमान जी को प्रिय है। * मंत्र: 'ॐ हनुमते नमः' का जाप आज के दिन मंगलकारी होता है। प्रभु श्री हनुमान जी महाराज आपके जीवन में सुख, समृद्धि और बल-बुद्धि का संचार करें। आपके परिवार पर उनकी कृपा सदैव बनी रहे। जय श्री राम! जय हनुमान!

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