
SHREE SHARMA
237 days ago
न जानामि योगं जपं नैव पूजां। नतोऽहं सदा सर्वदा शंभु तुभ्यं॥ जरा जन्म दुःखोद्य तातप्यमानं॥ प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो॥ मैं न तो योग जानता हूँ, न जप और न पूजा ही। हे शम्भो! मैं तो सदा-सर्वदा आपको ही नमस्कार करता हूँ। हे प्रभो! बुढ़ापा तथा जन्म (मृत्यु) के दुःख समूहों से जलते हुए मुझ दुःखी की दुःख से रक्षा कीजिए। हे ईश्वर! हे शम्भो! मैं आपको नमस्कार करता हूँ॥ हर हर महादेव 🙏 जय सियाराम 🙏

Comments (4)

SHREE SHARMA
Jan 5, 2026
सादर प्रणाम दीदी

Riya Riya 💖💖
Jan 5, 2026
om namah shivay🙏🌷🥀🌿🙏 suprabhat bhaiya ji🙏🙏

Moziram Gurjar
Jan 5, 2026
ॐ नमः शिवाय🙏🙏
