
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
117 days ago
*प्रशासक समिति ✊🚩* *┈┉══❀(("ॐ"))❀══┉┈* *क्रमांक:- ०६* *⚜️एकदंत संकष्टी चतुर्थी व्रत* 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 *🚩हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश जी को समर्पित होता है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाली यह चतुर्थी विशेष रूप से एकदंत गणपति की पूजा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन भक्त दिनभर व्रत रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद भगवान गणेश की विधिवत पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वहीं इस साल एकदंत संकष्टी चतुर्थी 5 मई को पड़ रही है। साथ ही इस दिन 2 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।* *🌿संकष्टी चतुर्थी मई, 2026 तिथि समय* *=============* *संकष्टी चतुर्थी तिथि का प्रारंभ- 05 मई, प्रातः 5:24 से* *संकष्टी चतुर्थी तिथि का अंत- 06 मई, प्रातः 7:51 तक* *🌿संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2026* *================* *वैदिक पंचांग के अनुसार संकष्टी चतुर्थी पर शिव योग पूरे दिन बन रहा है। साथ ही अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 11:51 ए एम से 12:45 पी एम तक रहेगा। इस बीच में गणेश जी की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।* *🌿2 शुभ योग में एकदंत संकष्टी चतुर्थी* *==============* *पंचांग के मुताबिक 5 मई को एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन 2 शुभ योग बन रहे हैं। शिव योग प्रात:कल से लेकर 6 मई को 12:17 A.M. तक रहेगा। वहीं उसके बाद से सिद्ध योग बनेगा।* *🌿एकदंत संकष्टी चतुर्थी का महत्व* *==============* *संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के एकदंत स्वरूप की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, यानी वे भक्तों के जीवन से सभी बाधाओं और कष्टों को दूर करते हैं। वहीं इस व्रत को करने से व्यक्ति के जीवन में चल रही परेशानियां, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव कम होने का मान्यता है।* *🌿पूजा विधि* *============* *• ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि के बाद लाल वस्त्र पहनें।* *• गणेश जी के सामने व्रत का संकल्प लें।* *• भगवान गणेश की प्रतिमा को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराएं।* *• उन्हें सिंदूर का तिलक लगाएं, क्योंकि सिंदूर गणेश जी को बहुत प्रिय है।* *• गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करें।* *• भोग के रूप में मोदक या गुड़ से बनी चीजें चढ़ाएं।* *• पूजा के दौरान 'ॐ गं गणपतये नमः' या 'श्री गणेशाय नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।* *🌖चंद्रोदय और अर्घ्य का समय* *================* *चंद्रोदय रात 10 बजकर 31 मिनट पर होगा।* *• अर्घ्य विधि - एक तांबे के पात्र में जल, अक्षत और लाल पुष्प डालकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और अपनी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।* *🌿क्यों खास है यह व्रत?* *============* *एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से कर्ज और पारिवारिक कलह का नाश होता है, क्योंकि यह अंगारकी चतुर्थी है, इसलिए इस दिन मंगल देव की भी कृपा प्राप्त होती है, जिससे भूमि और संपत्ति से जुड़ी सभी बाधाएं दूर होती हैं।* *================* 🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉️

Comments (2)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
May 5, 2026
ॐ गं गणपतये नमः 🙏 🌹

सविता
May 5, 2026
Om ganeshay namah 🙏🌹
