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राम राम तेहिं सुमिरन कीन्हा। हृदयँ हरष कपि सज्जन चीन्हा॥ एहि सन सठि करिहउँ पहिचानी। साधु ते होइ न कारज हानी॥ भावार्थ:-उन्होंने (विभीषण ने) राम नाम का स्मरण (उच्चारण) किया। हनमान्‌जी ने उन्हें सज्जन जाना और हृदय में हर्षित हुए। (हनुमान्‌जी ने विचार किया कि) इनसे हठ करके (अपनी ओर से ही) परिचय करूँगा, क्योंकि साधु से कार्य की हानि नहीं होती। (प्रत्युत लाभ ही होता है)॥ आज दिनांक 13/12/2025 दिन शनिवार को श्री बड़े हनुमान जी महाराज के श्रृंगार आरती दर्शन।

Comments (3)

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Dec 13, 2025

जय श्री सीताराम जी शुभ रात्रि वर्णन जी

Sanjay  Ahlawat

Sanjay Ahlawat

Dec 13, 2025

जय सीताराम जय सीताराम शुभ रात्रि

Runa Sinha

Runa Sinha

Dec 13, 2025

🌹🙏 जय श्री राम 🙏🌹 शुभ रात्रि वंदन भाई 🙏🌹