
SHREE SHARMA
440 days ago
नम: समुत्पादिततारकद्विषे नमस्त्त्रिधामाश्रिततारकत्विषे। नमो जगत्तारकपुण्यकर्मणे नमो नमस्तारकराजमौलये ।। जिन भगवान शिवने तारकासुरको मारने के लिये श्रीकार्तिकेय को उत्पन्न किया,- उन्हें मेरा प्रणाम। जिन्होंने सूर्य, चन्द्रमा तथा अग्निको अपने तीन नेत्रोंमें आश्रय दिया,- उन्हें मेरा प्रणाम। जिनका मनोहर चरित्र इस जगत को समस्त दु:खोंसे पार कर देता है,- उनको मेरा प्रणाम। जिनके मस्तकपर तारकराज चन्द्रदेव विराजमान रहते हैं, - उन करुणासागर भगवान शिवको मेरा बारम्बार प्रणाम। 🌸🌸🌸🌸🌸 ॐ नम: शिवाय 🌸🌸🌸🌸🌸

Comments (1)

Radhe Radhe
Aug 18, 2025
दिवाकर, राज बहादुर, बघेल
