
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
13 days ago
9.10.2026 अधिकतर लोगों को रविवार को छुट्टी होती है। कुछ लोगों को छुट्टी नहीं भी होती। परन्तु जिनको छुट्टी होती है, वे लोग शनिवार रात को सोचते हैं, कि *"कल तो रविवार है, छुट्टी है, कल तो सुबह हम देर तक खूब सोएंगे।"* मैं स्कूल कॉलेज के बच्चों और विद्यार्थियों से भी पूछता हूं। तो पता चलता है कि *"कुछ विद्यार्थी सुबह 10 /11 और दोपहर 12:00 बजे तक भी सोते रहते हैं। इतनी देर तक सोना अच्छा नहीं है। स्वास्थ्य रक्षा के लिए प्रतिदिन सुबह जल्दी उठना चाहिए।" "बचपन से ही हमारे माता-पिता ने कभी भी हमको रात को 10:00 बजे के बाद जागने नहीं दिया। और सुबह 5:00 बजे के बाद कभी भी सोने नहीं दिया। पूरे वर्ष भर अर्थात 365 दिन हमारा प्रतिदिन सोने जागने का यही नियम था।"* *"अतः रविवार की छुट्टी भी देर तक सोने के लिए नहीं होती। बल्कि सुबह जल्दी उठकर अपनी दिनचर्या पूरी करके अन्य कार्यों को भी शीघ्र पूरा कर लिया जाए, जिनको करने का अवसर पूरे सप्ताह में आपको नहीं मिल पाया था। सुबह का उठना तो प्रतिदिन जल्दी का ही रखना चाहिए।"* *"यदि आपको रविवार को कुछ विश्राम करने की इच्छा हो, तो दोपहर के भोजन के बाद एक आध घंटा सो सकते हैं। परंतु सुबह तो जल्दी ही उठना चाहिए। स्वास्थ्य के लिए वही अच्छा होता है। और सप्ताह भर के कुछ बचे हुए काम भी होते हैं, जिनको करने का समय सोमवार से शनिवार तक नहीं मिल पाता। तो रविवार की छुट्टी इसीलिए होती है, कि बचे हुए कामों को रविवार को पूरा कर लिया जाए।" "तो शनिवार रात को भी जल्दी सोएं, और रविवार को सुबह जल्दी उठें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बाद में स्वास्थ्य बिगड़ जाएगा, तब आपको पश्चाताप होगा। ऐसा न हो, इसलिए अभी से सावधानी का प्रयोग करें।"* *"आप भी प्रतिदिन सुबह जल्दी उठें और अपने बच्चों को भी जल्दी उठाएं। उन्हें देर तक सोने की छूट न दें। यही आपके लिए और उनके लिए हितकर है।"* --- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक निदेशक दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़ गुजरात।"*

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