
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
104 days ago
**छत्रपति शिवाजी महाराज** की दूरदर्शिता और **भारतीय नौसेना (Indian Navy)** के गठन में उनके अभूतपूर्व योगदान को दर्शाता है। इतिहास में उन्हें **'फादर ऑफ इंडियन नेवी' (भारतीय नौसेना के जनक)** के रूप में सम्मान दिया जाता है। ### 1. दूरदर्शिता और नौसेना की आवश्यकता * **विदेशी ताकतों का बढ़ता प्रभाव:** 17वीं शताब्दी में जहां अन्य भारतीय राजाओं का ध्यान केवल भूमि पर था, वहीं पुर्तगाली (गोवा से) और अंग्रेज (मुंबई से) समुद्र के रास्ते भारत में अपने पैर पसार रहे थे। जंजीरा के सिद्दी तटीय क्षेत्रों और मराठा गांवों पर हमले कर रहे थे। * **समुद्र पर नियंत्रण:** शिवाजी महाराज पहले ऐसे दूरदर्शी राजा थे जिन्होंने यह समझा कि विदेशी ताकतों को रोकने के लिए समुद्र पर नियंत्रण करना कितना आवश्यक है। उनका प्रसिद्ध कथन था: > *"जो समुद्र पर राज करेगा, वही जमीन पर भी राज करेगा।"* > ### 2. मराठा नौसेना की स्थापना (1654) * **शुरुआत:** कल्याण की एक छोटी सी खाड़ी से भारत के पहले नौसैनिक मिशन की शुरुआत हुई। * **सैन्य बल:** स्थानीय मछुआरों और नाविकों को प्रशिक्षित कर कुशल योद्धा बनाया गया। मराठा नौसेना के बेड़े में देखते ही देखते **400 से 700 छोटे-बड़े युद्धपोत** और लगभग **5,000 नाविक** शामिल हो गए। * **समुद्री किले (Sea Forts):** सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समुद्र के बीचों-बीच **सिंधुदुर्ग, विजयदुर्ग और कुलाबा** जैसे अभेद्य जल-किलों का निर्माण कराया गया। ### 3. नौसैनिक गुरिल्ला युद्ध (Guerrilla Warfare) * शिवाजी महाराज ने भूमि की तरह समुद्र में भी गुरिल्ला युद्ध नीति का इस्तेमाल किया। * उनके छोटे और अत्यधिक तेज चलने वाले जहाजों की मदद से मराठा सैनिक अचानक विदेशी जहाजों पर हमला करते और पलक झपकते ही गायब हो जाते। इस रणनीति ने पुर्तगालियों और अंग्रेजों को भी संधि करने पर मजबूर कर दिया था। ### 4. आधुनिक भारतीय नौसेना में सम्मान * **नया ध्वज (Insignia):** वर्तमान समय में भारतीय नौसेना की वर्दी और नए ध्वज पर **छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा (Seal)** को गर्व के साथ शामिल किया गया है। * हर वर्ष नौसेना दिवस (Navy Day) पर उनके इस महान योगदान को याद कर उन्हें नमन किया जाता है। **जय भवानी, जय शिवाजी!** 🚩
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