
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
10 days ago
10.9.2026 बहुत से पति-पत्नियों में कलह का कारण यह देखा जाता है, कि *"वे एक दूसरे पर विश्वास नहीं करते। दूसरे को मूर्ख और स्वयं को अधिक बुद्धिमान मानते हैं। दूसरे को धोखेबाज और स्वयं को ईमानदार समझते हैं।"* आप भी निष्पक्ष भाव से अपना परीक्षण निरीक्षण करें। कहीं आपके वैवाहिक जीवन में भी यह सब कारण तो नहीं है। यदि हो, चाहे कम मात्रा में ही हो, तो भी उसे दूर करें। *"एक दूसरे पर विश्वास करें। जैसे आप स्वयं को बुद्धिमान मानते हैं, ऐसे ही उसे भी बुद्धिमान मानें। उसका सम्मान करें, अपमान न करें। दूसरे साथी को भी ईमानदार समझें, केवल स्वयं को ही नहीं।"* *"यदि आप दोनों पति-पत्नी ऐसा करेंगे, तो आपका संबंध मधुर हो जाएगा। और यही आपके सुखी वैवाहिक जीवन का कारण बनेगा।"* *"यही बात अन्य संबंधों पर भी लागू होती है। अर्थात दो भाइयों में, दो बहनों में, दो मित्रों में, गुरु शिष्य में, और अन्यत्र भी सब जगह यह बात लागू होती है। दूसरों को मूर्ख न समझें। उनकी बुद्धि का भी सम्मान करें। तभी आप उनके साथ ठीक व्यवहार कर पाएंगे, और उनसे लाभ उठा पाएंगे, अन्यथा नहीं।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक निदेशक दर्शन योग महाविद्यालय रोजड़ गुजरात।"*

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