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क्या आप जानते हैं 'एकादशी' का व्रत क्यों रखा जाता है और इसके पीछे की असली कहानी क्या है? सत्य युग की बात है, जब मुरासुर नाम के एक असुर ने अपने घमंड और ब्रह्मा जी के वरदान के बल पर तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया था। देवता हार चुके थे और अधर्म का बोलबाला था। तब स्वयं भगवान विष्णु ने मुरासुर का अंत करने के लिए एक ऐसी लीला रची, जिससे एक अद्भुत शक्ति का जन्म हुआ। कैसे भगवान विष्णु की योगनिद्रा से प्रकट हुई देवी ने किया मुरासुर का संहार? और क्यों श्री हरि ने उन्हें 'एकादशी' नाम देकर वरदान दिया कि जो भी उनका व्रत रखेगा, उसे सीधे वैकुंठ धाम की प्राप्ति होगी? पूरा रहस्य जानने के लिए नीचे दी गई कहानी पढ़ें। यह कहानी हमें सिखाती है कि अहंकार चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, धर्म के सामने उसका अंत निश्चित है। 🙏 *आज की रोचक कहानीया* *सत्य युग में शांति थी* सतयुग का समय था। तीनों लोकों में शांति थी। देवता अपने लोकों में सुखपूर्वक निवास कर रहे थे और पृथ्वी पर धर्म की ध्वजा लहरा रही थी। लेकिन उसी समय दानव कुल में एक ऐसे असुर का जन्म हुआ जिसकी आंखों में जन्म से ही आग थी। उसका नाम था मुरासुर। बचपन से ही उसके मन में एक ही सपना पल रहा था — देवताओं को पराजित करके पूरे ब्रह्मांड पर अपना अधिकार जमाना। जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया, उसकी शक्ति और घमंड दोनों बढ़ते गए। उसकी आंखों में हमेशा एक अजीब सी क्रूर चमक दिखाई देती थी। वह अक्सर आकाश की ओर देखकर कहता, “एक दिन मैं देवताओं को उनके सिंहासन से घसीटकर नीचे फेंक दूंगा।” युवावस्था में पहुंचते ही मुरासुर ने अमरता पाने का निश्चय कर लिया। वह हिमालय की गुफाओं में चला गया और वहां कठोर तपस्या शुरू कर दी। उसने वर्षों तक ना अन्न ग्रहण किया, ना जल पिया। उसका शरीर सूखकर कांटा हो गया, लेकिन उसका संकल्प नहीं टूटा। उसकी तपस्या इतनी भयानक थी कि तीनों लोक कांप उठे। अंततः उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर स्वयं भगवान ब्रह्मा प्रकट हुए। उनकी दिव्य आभा से पूरा आकाश चमक उठा। ब्रह्मा जी ने कहा, “मुरासुर, आंखें खोलो। मैं तुम्हारी तपस्या से प्रसन्न हूं। वर मांगो।” मुरासुर की आंखों में लालच चमक उठा। उसने तुरंत कहा, “प्रभु, मुझे ऐसा वरदान दीजिए कि कोई भी देवता, दानव या मनुष्य मुझे मार ना सके। संसार का कोई भी अस्त्र-शस्त्र मेरा कुछ ना बिगाड़ सके।” ब्रह्मा जी कुछ पल मौन रहे। उन्हें उस दैत्य के भीतर छिपा अहंकार दिखाई दे रहा था, लेकिन तपस्या के नियम से बंधे होने के कारण उन्होंने उसे वरदान दे दिया। वरदान मिलते ही मुरासुर के चेहरे पर भयानक हंसी गूंज उठी। उसे लगने लगा कि अब इस पूरे ब्रह्मांड में कोई उसका सामना नहीं कर सकता। वरदान मिलते ही उसका अत्याचार शुरू हो गया। उसने सबसे पहले स्वर्ग लोक पर हमला कर दिया। उसकी सेना आसमान को ढकती हुई आगे बढ़ी। देवताओं और दानवों के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया। इंद्र ने अपने वज्र से वार किया, अग्नि देव ने अग्नि वर्षा की, वरुण देव ने जल प्रलय उत्पन्न किया, लेकिन मुरासुर पर कोई असर नहीं हुआ। वह हर वार के बाद और जोर से हंसता। उसकी गदा के एक प्रहार से देवताओं के रथ टूटने लगे। कुछ ही समय में देवराज इंद्र सहित सभी देवता पराजित हो गए। स्वर्ग लोक पर मुरासुर का अधिकार हो गया। हारकर सभी देवता भगवान शिव के पास कैलाश पहुंचे। देवताओं की दशा देखकर माता पार्वती भी चिंतित हो उठीं। इंद्र ने कांपती आवाज में कहा, “महादेव, वह दैत्य अजेय हो चुका है। हमारे सारे अस्त्र उस पर बेअसर हैं।” महादेव ने आंखें बंद कर कुछ क्षण ध्यान लगाया और फिर गंभीर स्वर में बोले, “अब इस संकट का समाधान केवल श्री हरि विष्णु ही कर सकते हैं। वही सृष्टि के पालनहार हैं। उनकी शरण में जाओ।” सभी देवता तुरंत क्षीरसागर पहुंचे जहां भगवान विष्णु शेषनाग पर विराजमान थे। देवताओं ने रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई। भगवान विष्णु ने शांत स्वर में कहा, “चिंता मत करो देवताओं। अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों ना हो, उसका अंत निश्चित है।” इतना कहकर उन्होंने अपना सुदर्शन चक्र उठाया और गरुड़ पर सवार होकर युद्धभूमि की ओर निकल पड़े। स्वर्ग लोक में भगवान विष्णु और मुरासुर के बीच भयंकर युद्ध शुरू हुआ। प्रभु के धनुष से निकले अग्नि बाणों ने आसमान को चीर दिया। सुदर्शन चक्र बिजली की गति से घूमता हुआ मुरासुर की ओर बढ़ा। लेकिन ब्रह्मा जी के वरदान के कारण वह राक्षस हर बार बच निकलता। भगवान विष्णु ने अपनी गदा कौमोदकी से प्रहार किया। पूरा ब्रह्मांड कांप उठा, लेकिन मुरासुर फिर भी हंसता रहा। वह गरजकर बोला, “विष्णु, तेरी कोई भी शक्ति मुझ पर काम नहीं करेगी। आज तेरा अंत निश्चित है।” युद

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Comments (16)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 7, 2026

भोलेनाथ की कृपा से हर मुश्किल आसान हो, मन में शांति, जीवन में खुशियाँ और हर कदम पर उनका साथ हो। हर हर महादेव🌼🌼🕉🔱🌿🙏🏻🙏🏻

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 7, 2026

🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Aja Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye 🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 7, 2026

🙏 आज एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ। श्री जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और माता सुभद्रा जी की कृपा से आपके जीवन में भक्ति, शांति, सुख और समृद्धि बनी रहे। 🌸🪷 जय जगन्नाथ! 🙏🚩

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 7, 2026

🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌹 Shubha Sandhya Vandan Mari Pyari Behen ❤️🌹

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Sep 7, 2026

हरि अनंत हरि कथा अनंता 🙏🌹🙏 आपको अजा एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं मेरी प्यारी दी 🙏🌹☺️ ठाकुर जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव ही बनी रहे 🙏🌹☺️

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Sep 7, 2026

हर हर महादेव 🙏 जय शिव शक्ति 🙏 बाबा भोलेनाथ और मां आदिशक्ति भवानी जी की कृपा से आप सदैव स्वस्थ और खुशहाल रहें 🙏 इसी शुभकामना के साथ सुप्रभात वंदन मेरी प्यारी दी 🙏🌹☺️

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Sep 7, 2026

जय श्री राधे कृष्ण दीदी 🙏🌹☺️

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 7, 2026

🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Suprabhat Ji 🙏🌹🌹

Hansu parjapti  Prajapati

Hansu parjapti Prajapati

Sep 7, 2026

om shree laxmi narayan namah 🙏🙏