
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
86 days ago
*🌹परमा एकादशी 2026: कब है व्रत? जानें तिथि, महत्व, पूजा विधि और जरूरी नियम🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ने वाली एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस बार अधिकमास ज्येष्ठ महीने में लगा है, इसलिए इसके कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहा जाता है। इस बार परमा एकादशी का व्रत 11 जून 2026 को रखा जाएगा। आइए जानते हैं साल 2026 की परमा एकादशी से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें।* *⚜️1. परमा एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त और पारण समय* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* *🚩एकादशी तिथि आरंभ:-* 11 जून, 2026 को सुबह 12:57 बजे से *🚩एकादशी तिथि समाप्त:-* 11 जून, 2026 को रात 10:36 बजे तक *🚩उदयातिथि (व्रत का दिन):-* बृहस्पतिवार, 11 जून 2026 *🚩व्रत तोड़ने का (पारण) समय:-* 12 जून 2026 को सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे के बीच *🚩द्वादशी तिथि समाप्त:-* 12 जून 2026 को शाम 07:36 बजे *⚜️2. व्रत का विशेष महत्व और लाभ* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* *🚩कल्पतरू के समान फल:-* नि:स्वार्थ भावना से रखा गया यह व्रत कल्पतरू वृक्ष के समान फलदायी है, जिससे हर मनोकामना पूरी होती है। *🚩पापों से मुक्ति व मोक्ष:-* इस व्रत को करने से अनजाने में हुए पापों का नाश होता है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। *🚩सुख और ऐश्वर्य:-* यह एकादशी जीवन में धन, सुख, समृद्धि और पुत्र-पौत्रादि का सुख देने वाली है। *🚩दुर्लभ सिद्धियां:-* पुरुषोत्तम मास की इस एकादशी को करने से साधक को परम दुर्लभ सिद्धियां प्राप्त होती हैं। *🪔3. सम्पूर्ण पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 `•दशमी तिथि (व्रत से एक दिन पहले):-` `•दशमी की रात्रि को सात्विक भोजन ग्रहण करें।` *🔔एकादशी तिथि (व्रत का दिन):-* *🚩संकल्प:-* सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। *🚩पूजन सामग्री:-* धूप, दीप, पुष्प, मौसमी फल और नैवेद्य (प्रसाद) एकत्रित करें। *🚩अभिषेक व मंत्र:-* भगवान श्री विष्णु जी को पंचामृत से स्नान कराएं। पूजन के समय इस मंत्र का मनपूर्वक उच्चारण करें:- *🚩"एकादश्यां निराहार: स्थित्वाहमपरेअहनि, भोक्ष्यामि पुण्डरीकाक्ष शरणं मे भवाच्युत"* *🚩दिनचर्या:-* पूरा दिन उपवास रखें (केवल एक समय फलाहार ले सकते हैं) और ज्यादा से ज्यादा समय श्रीहरि की भक्ति में बिताएं। *🚩रात्रि जागरण:* रात में सोएं नहीं; भजन-कीर्तन, दीपदान, विष्णु सहस्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करते हुए जागरण करें। *🔔द्वादशी तिथि (अगले दिन):-* *🚩दूध से अभिषेक:-* सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु का केवल दूध से अभिषेक करें और हाथ जोड़कर इस मंत्र का जाप करें:- *🚩"अज्ञानतिमि रान्धस्य व्रतेनानेन केशव, प्रसीद सुमुखो भूत्वा ज्ञानदृष्टिप्रदो भव"* *🚩तर्पण व अर्घ्य:-* सूर्यदेव को जल चढ़ाएं और पितृ तर्पण करें। *🚩दान-दक्षिणा:-* ब्राह्मणों को आदरपूर्वक भोजन करवाएं। उन्हें कपड़े, अनाज और सामर्थ्य अनुसार रुपए-पैसे दान दें। *🚩पारण:-* इसके बाद स्वयं भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें। *⚜️4. परमा एकादशी व्रत के कड़े नियम (क्या करें, क्या न करें)* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* *🚩अन्न का त्याग:-* एकादशी के दिन भूलकर भी अन्न (चावल, गेहूं आदि) का सेवन न करें। *🚩वाणी पर संयम:-* इस दिन किसी की निंदा या बुराई न करें। किसी का दिल दुखाने वाले कटु (कड़वे) वचन न बोलें। *🚩पुण्य कार्य:-* गाय को चारा-पानी दें, असहाय और गरीब लोगों को भोजन, वस्त्र और अनाज का दान करें। मंदिर में फलों का दान करना भी शुभ होता है। *🚩महादान का फल:-* इस दिन स्वर्ण, विद्या, अन्न, भूमि और गौदान करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। *🪔5. विशेष परंपरा: पंचरात्रि उपवास* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 `●परमा एकादशी पर कुछ श्रद्धालु बेहद कठिन 'पंचरात्रि उपवास' रखते हैं:-` * यह उपवास एकादशी तिथि से शुरू होकर अमावस्या तिथि तक (5 दिनों तक) चलता है। * इसमें रात के समय जल का पूर्ण त्याग कर दिया जाता है। * उपवास के दौरान केवल भगवान का चरणामृत ही ग्रहण किया जाता है। इस पंचरात्र व्रत का पुण्य लाभ असीमित माना गया है। *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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